MLC चुनाव निर्वाचन का हर चरण महत्वपूर्ण, शांतिपूर्ण और भयमुक्त चुनाव संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता: तिरहुत कमिश्नर

मुजफ्फरपुर: निर्वाची पदाधिकारी, तिरहुत स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र-सह-आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर गिरिवर दयाल सिंह की अध्यक्षता में आज आयुक्त कार्यालय में बिहार विधान परिषद के तिरहुत स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्वि-वार्षिक निर्वाचन, 2026 के सफल एवं सुचारू संचालन हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंगलवार, 29 सितंबर से प्रारंभ हो रहे नाम-निर्देशन की तैयारियों, विभिन्न कोषांगों के अधिकारियों एवं कर्मियों के दायित्वों, निर्वाचन संबंधी कार्यों सहित भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की गई तथा अद्यतन स्थिति का जायजा लिया गया। प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया गया। बैठक में आयुक्त के साथ मुजफ्फरपुर के जिला पदाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, आयुक्त के सचिव, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी/ पश्चिमी, अपर पुलिस अधीक्षक, नगर-1, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी -2 एवं अन्य भी उपस्थित थे।

प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के प्रेस नोट के आलोक में बिहार विधान परिषद के तिरहुत स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्वि-वार्षिक निर्वाचन, 2026 हेतु नाम-निर्देशन का कार्य दिनांक 29 सितंबर से प्रारंभ हो रहा है जो 6 अक्टूबर तक चलेगा। नामांकन पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 03:00 बजे तक तिरहुत प्रमंडल आयुक्त कार्यालय में किया जाएगा। 07 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की संवीक्षा की जाएगी तथा अभ्यर्थिता वापसी की अंतिम तिथि 09 अक्टूबर निर्धारित है। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि नाम-निर्देशन की प्रक्रिया को सुचारू एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित करने हेतु स्नातक व शिक्षक निर्वाचन हेतु एक-एक डेडिकेटेड (समर्पित) नामांकन कोषांग (नोमिनेशन सेल) का गठन किया गया है। यह सतत क्रियाशील है।

कोषांग में सहायक निर्वाची पदाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों तथा कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों का समयबद्ध एवं त्रुटिरहित ढंग से सम्यक निर्वहन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

नाम-निर्देशन कोषांग की जिम्मेदारी एवं समन्वय

प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि नाम-निर्देशन कोषांग के संपूर्ण प्रभार में संदीप शेखर प्रियदर्शी, आयुक्त के सचिव, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर हैं। वे कोषांग से संबंधित सभी गतिविधियों का पर्यवेक्षण करेंगे तथा प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों एवं कर्मियों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे। उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर सत्यप्रिय कुमार द्वारा इस कार्य में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।नामांकन प्रक्रिया एवं आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा...

बैठक में नामांकन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों, आवश्यक प्रपत्रों, तकनीकी व्यवस्थाओं, अभ्यर्थियों की सुविधा, आदर्श आचार संहिता के अनुपालन तथा विधि-व्यवस्था संधारण की तैयारियों से संबंधित बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि नामांकन के लिए आने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा हेतु सहायक निर्वाची पदाधिकारी के स्तर पर हेल्पडेस्क क्रियाशील रहेगा, जो प्रत्येक कार्यालय दिवस पर कार्यालय अवधि में कार्यरत रहेगा। हेल्पडेस्क पर अद्यतन मतदाता सूची उपलब्ध रहेगी। प्रतिनियुक्त कर्मी अभ्यर्थी एवं प्रस्तावक के नाम तथा क्रमांक का निर्वाचक सूची से मिलान करेंगे तथा नामांकन से संबंधित आवश्यक प्रपत्र एवं जानकारी उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को शपथ-पत्र प्रारूप-26 के सभी स्तंभों को सही तरीके से भरने, आवश्यक घोषणाएं संलग्न करने तथा निर्धारित प्रक्रियाओं का अनुपालन करने के संबंध में आवश्यक जानकारी तथा सहायता हेल्पडेस्क पर नियमानुसार उपलब्ध कराया जाए।

प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि नामांकन के अवसर पर नियंत्रण कक्ष क्रियाशील रहेगा। यहाँ दंडाधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। नियंत्रण कक्ष के माध्यम से गतिविधियों पर नज़र रखी जाएगी।

नामांकन के लिए निर्धारित प्रावधान

प्रमंडलीय आयुक्त ने नामांकन प्रक्रिया से संबंधित प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि नाम-निर्देशन निर्धारित प्रारूप-2E में किया जाएगा। एक अभ्यर्थी अधिकतम चार सेट में नामांकन दाखिल कर सकता है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए जमानत राशि 10,000 रुपये तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए 5,000 रुपये निर्धारित है। प्रस्तावकों की संख्या के संबंध में उन्होंने बताया कि मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों के अभ्यर्थियों के लिए निर्वाचकों की कुल संख्या का 10 प्रतिशत अथवा 10 प्रस्तावक, जो भी न्यूनतम हो, आवश्यक है। निर्दलीय अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 10 प्रस्तावक आवश्यक हैं. यह प्रस्तावक तिरहुत शिक्षक/स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के वैध निर्वाचक ही हो सकते हैं। बैठक में नामांकन प्रक्रिया के अंतर्गत उपयोग में लाए जाने वाले विभिन्न प्रपत्रों, जैसे निर्वाचन की सूचना, नाम-निर्देशन पत्र, शपथ-पत्र, विधिमान्य अभ्यर्थियों की सूची, अभ्यर्थिता वापसी की सूचना, निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची तथा निर्वाचन अभिकर्ता एवं मतदान अभिकर्ता की नियुक्ति से संबंधित प्रपत्रों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई तथा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया गया।

पारदर्शिता एवं निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन

प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि निर्वाचन का प्रत्येक चरण अत्यंत महत्वपूर्ण है। निर्वाचन कार्य में संलग्न सभी पदाधिकारी एवं कर्मी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं जवाबदेही के साथ करें। अधिकारियों को निर्वाचन का गुर सिखाते हुए आयुक्त ने कहा कि सभी को अपने कार्यों में पारदर्शिता बनाये रखनी है। उन्हें सिर्फ पारदर्शी रहना ही नहीं बल्कि पारदर्शी दिखना भी है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्य में प्रतिनियुक्त सभी पदाधिकारी एवं कर्मी लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत भारत निर्वाचन आयोग के नियंत्रण, अधीक्षण एवं अनुशासन के अधीन कार्य करते हैं। अतः सभी अधिकारी आयोग के निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें।  प्रमंडलीय आयुक्त ने निर्देश दिया कि आयोग के आदेश के अनुसार नाम-निर्देशन की संपूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए नामांकन कक्ष में दक्ष वीडियोग्राफर की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, आयोग के निर्देशानुसार सीसीटीवी के माध्यम से परिसर में गतिविधियों की निगरानी की जाए।

आदर्श आचार संहिता एवं विधि-व्यवस्था संधारणा

प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि आदर्श आचार संहिता का अनुपालन सभी राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों, सरकारी पदाधिकारियों एवं कर्मियों के लिए समान रूप से अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों, निर्देशों, अनुदेशों एवं परिपत्रों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इस संबंध में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही अथवा अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने नामांकन स्थल पर विधि-व्यवस्था संधारण हेतु आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। नामांकन स्थल के 100 मीटर की परिधि में वाहनों के प्रवेश को निर्धारित मानकों के अनुरूप नियंत्रित किया जाएगा। वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर के स्तर से निर्वाची पदाधिकारी के नामांकन कक्ष के बाहर पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। अनुमंडल पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर पूर्वी को विधि-व्यवस्था बनाए रखने तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि बिहार विधान परिषद के तिरहुत स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का द्वि-वार्षिक निर्वाचन, 2026 स्वतंत्र, निष्पक्ष, भयमुक्त, पारदर्शी एवं सहभागितापूर्ण वातावरण में संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

मुजफ्फरपुर से रूपेश कुमार की रिपोर्ट

  

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