प्रशासनिक तत्परता से कटाव की स्थिति पर नियंत्रित, कटिहार के काढ़ागोला में मच गया था हड़कंप
- by Manjesh Kumar
- 08-Oct-2026
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कटिहार: कटिहार के बरारी प्रखंड अंतर्गत काढ़ागोला गंगा तट स्थित स्पर संख्या 10 के नीचे रिवर एज के समीप कटाव होने से स्पर पर बसे लोगों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। कटाव की सूचना मिलने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने मामले की जानकारी अंचल प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को दी। इसके बाद विभाग ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और तत्काल कटाव निरोधी कार्य शुरू कराया। कार्य पूरा होने के बाद फिलहाल कटाव को नियंत्रित कर लिया गया है।
जानकारी के अनुसार, काढ़ागोला गंगा के स्पर संख्या 10 के नीचे रिवर एज के समीप कटाव की स्थिति उत्पन्न हुई थी। दक्षिणी भंडारतल पंचायत के मुखिया मो. इब्राहिम सहित स्थानीय ग्रामीणों ने इसकी सूचना अंचलाधिकारी मनीष कुमार और जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता सुशांत शेखर को दी। ग्रामीणों ने बताया कि गंगा के जलस्तर एवं तेज धारा के कारण रिवर एज के पास कटाव बढ़ने की आशंका से आसपास रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई थी। सूचना मिलते ही जल संसाधन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। इसके बाद कटाव प्रभावित हिस्से में तत्काल निरोधी कार्य कराया गया। विभाग की ओर से किए गए कार्य के बाद फिलहाल कटाव की स्थिति नियंत्रित बताई जा रही है।
इस संबंध में कार्यपालक अभियंता सुशांत शेखर ने बताया कि स्पर संख्या 10 में किसी प्रकार का कटाव नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्पर के नीचे करीब 50 मीटर लंबाई में रिवर एज के पास लगभग 10 मीटर हिस्से में कटाव हुआ था। विभाग द्वारा तत्काल कटाव निरोधी कार्य कराया गया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में स्पर संख्या 10 सुरक्षित है और मौके की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। विभाग की ओर से क्षेत्र की निगरानी भी की जा रही है, ताकि गंगा की धारा में बदलाव या दोबारा कटाव की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
इधर, ग्रामीणों ने भी कटाव निरोधी कार्य शुरू होने पर राहत की सांस ली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा के किनारे बसे इलाकों में लगातार निगरानी और संवेदनशील स्थानों पर समय रहते निरोधी कार्य कराया जाना जरूरी है, ताकि कटाव बढ़ने से आसपास के आबादी वाले क्षेत्रों को नुकसान नहीं पहुंचे।


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