9 वर्ष बाद भी नहीं हो सका टूटे पुल का निर्माण, चचरी पुल से गिरी महिला फिर...

कटिहार: कटिहार जिले के कदवा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत भौनगर पंचायत के वार्ड संख्या 12 में वर्ष 2017 में आई प्रलयंकारी बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुआ पुल करीब नौ साल बाद भी नहीं बन पाया है। स्थायी पुल के अभाव में ग्रामीणों को मजबूरी में खुद बनाए गए चचरी पुल के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह चचरी पुल उनके लिए सुविधा नहीं, बल्कि मजबूरी है। हर दिन इस संकरे और अस्थायी पुल से गुजरते समय हादसे का खतरा बना रहता है। रविवार को चचरी पुल पार करने के दौरान एक बुजुर्ग महिला अचानक पुल के टूटे हिस्से से फिसलकर नदी में गिर गई। महिला के नदी में गिरते ही आसपास मौजूद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए महिला को नदी से बाहर निकाला, जिससे उसकी जान बच सकी। घटना के बाद ग्रामीणों में पुल की जर्जर स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है।

ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2017 की बाढ़ में तेज पानी के बहाव के कारण यहां बना पुल टूट गया था। इसके बाद से लगातार स्थायी पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। आवागमन पूरी तरह बाधित न हो, इसके लिए ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से चचरी पुल तैयार किया है। बारिश और बाढ़ के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। जलस्तर बढ़ने तथा तेज बहाव के कारण चचरी पुल पार करना जोखिम भरा हो जाता है। स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी होती है। आपात स्थिति में मरीजों को ले जाना भी ग्रामीणों के लिए चुनौती बन जाता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से स्थल का निरीक्षण कर जल्द स्थायी पुल निर्माण कराने की मांग की है। साथ ही सांसद तारिक अनवर और विधायक दुलाल चंद्र गोस्वामी से भी उच्चस्तरीय पुल निर्माण की पहल करने की मांग की है।

  

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