500 मीटर सड़क के लिए तरस रहे हैं ग्रामीण, शादी विवाह में भी होती है दिक्कतें

शेखपुरा: बिहार में विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन शेखपुरा जिले के चमरबीघा गांव की तस्वीर इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। यहां महज 500 मीटर सड़क नहीं बनने से करीब 300 घरों की आबादी परेशान है। हालात ऐसे हैं कि गांव में शादी-ब्याह करना मुश्किल हो रहा है, तो बीमार मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए खाट का सहारा लेना पड़ता है। बरसात में रास्ता पानी से भर जाता है और स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। नाराज ग्रामीणों ने अब स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है।

गांव की आबादी करीब 300 घरों की है, लेकिन यहां के लोगों की सबसे बड़ी परेशानी महज 500 मीटर सड़क है। सड़क नहीं होने से ग्रामीणों का रोजमर्रा का जीवन मुश्किल हो गया है। बरसात के दिनों में रास्ते पर पानी भर जाता है और लोगों को कमर भर पानी से होकर गुजरना पड़ता है। सबसे दर्दनाक स्थिति तब होती है, जब गांव में कोई बीमार पड़ता है या किसी महिला को प्रसव के लिए अस्पताल ले जाना होता है। ग्रामीणों के मुताबिक, एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती और मरीजों को खाट पर लादकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। सड़क के अभाव का असर सामाजिक जीवन पर भी पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अपनी बेटी की शादी करने के लिए भी लोग तैयार नहीं होते।

सड़क की समस्या से स्कूली बच्चे भी परेशान हैं। बच्चों का कहना है कि स्कूल जाने के दौरान उन्हें हमेशा डर बना रहता है। कई बार पानी में गिरने से कपड़े भीग जाते हैं और वे विद्यालय नहीं जा पाते। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसी नाराजगी के बीच ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक डॉ कुमार पुष्पनंजय और मुखिया मन्नू सिंह के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे पंचायत के उपमुखिया राजीव कुमार ने भी ग्रामीणों की मांग का समर्थन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि सड़क का निर्माण नहीं होने पर ग्रामीण आगामी पंचायत, विधानसभा समेत अन्य चुनावों का बहिष्कार करेंगे।

शेखपुरा से धीरज कुमार की रिपोर्ट

  

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