पूर्णियां : विद्या विहार रेसिडेंशियल स्कूल के फाउंडर प्रिंसिपल का निधन 22 वर्षों तक दिया अमूल्य योगदान

पूर्णियां से मलय झा की रिपोर्ट 

प्रख्यात शिक्षाविद और बिहार को गौरवान्वित करने वाले केरल निवासी डॉ के एन वासुदेवन का 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया। देश के प्रतिष्ठित नेतरहाट विद्यालय के पूर्व प्राचार्य वासुदेवन उच्च कोटि के विद्वान और महान शिक्षक थे। 1960 से 1995 तक कुल 36 वर्षों तक नेतरहाट विद्यालय में अपना बहूमूल्य योगदान दिया।

बता दें कि डॉ के एन वासुदेवन बिहार के प्रतिष्ठित और पूर्णिया के उच्च कोटि के शिक्षण संस्थान के नगर प्रखंड के परोरा स्थित विद्या विहार रेसिडेंशियल स्कूल के फाउंडिंग प्रिंसिपल और डायरेक्टर भी थे। विद्या विहार में सन 1995 से 2017 तक की अवधि में 22 वर्षों तक अतुलनीय योगदान दिया। अपने बुद्धिकौशल से शैक्षणिक स्तर को अपग्रेड करने का काम किया। बिहार और झारखंड के शैक्षणिक जगत में बहुमूल्य सेवा देने के लिए सदैव याद किये जाते रहेंगे।

वीवीआरएस स्कूल के संस्थापक सचिव रमेश चंद्र मिश्रा ने पूर्व निदेशक  के एन वासुदेवन के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने स्कूल को निखारने में अपना बहूमूल्य योगदान दिया। अनुशासन के साथ स्कूल की हर गतिविधि का संचालन कर बेहतर शैक्षणिक वातावरण माहौल दिया। विद्या विहार के ट्रस्टी राजेश मिश्रा ने महान विद्वान डॉ के एन वासुदेवन के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अपने 22 वर्ष के कार्यकाल में स्कूल को उच्चकोटि के शैक्षणिक संस्थान दर्जा दिलाया जिसके लिए विद्या विहार परिवार सदा ऋणी रहेंगे।  

सामाजिक कार्यकर्ता विजय कुमार श्रीवास्तव ने के एन वासुदेवन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके निधन से शिक्षा जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि विद्या विहार रेसिडेंशियल स्कूल उनके बहूमूल्य शैक्षणिक सेवाओं को सदैव सम्मान के साथ याद किया जाता रहेगा।

  


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