वर्तमान केंद्र सरकार पिछली कांग्रेसी सरकार की भूल को न अपनाएं : गुलाम गौस

पटना : सूबे में जातीय जनगणना का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। एक ओर जहां पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी पहले ही जातीय जनगणना की वकालत कर चुके हैं तो दूसरी ओर सत्ता पक्ष के नेताओं ने भी अब इस मसले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। इसी कड़ी में जदयू विधान पार्षद ग़ुलाम गौस का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि इस देश में हिजड़ों की गिनती हो सकती है तो पिछड़ों की गिनती क्यों नहीं हो सकती है। वहीं सीएम नीतीश कुमार ने भी इस गणना को सही करार दिया है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही इस मसले पर सरकार कोई बड़ा फैसला ले सकती है। जदयू विधान पार्षद ग़ुलाम गौस ने विशेष बातचीत के क्रम में कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार पिछली कांग्रेसी सरकार की भूल को न अपनाएं। इससे बड़ा नुकसान हो सकता है। कोरोना काल मे ऑक्सीजन की कमी पर उन्होंने कहा कि बिहार के साथ गनीमत रही कि ऐसे मामले कम ही आए। यहां की आबोहवा ही कुछ ऐसी है कि लोग बीमार तो पड़ रहे थे लेकिन रिकवरी रेट अन्य राज्यों के मुकाबले अच्छा रहा। फ़ोन टैपिंग मामले पर उन्होंने कहा कि बेशक इसकी जांच होनी चाहिए। यदि इसमें सच्चाई है तो सारी बातें उभरकर सामने आए।

  


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