पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में 14 मामले का निपटारा छह जोड़ी पति पत्नी का सुलह कर घर संवारा


पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में 25 मामलों की सुनवाई हुई जिसमें 14 मामले का निष्पादन हुआ छह जोड़ी पति पत्नी को समझा-बुझाकर घर आपस में मिला दिया। सभी इस फैसले से प्रसन्न नजर आए। बचे हुए 8 जोड़ी की नासमझी को देखते हुए उन्हें थाना या न्यायालय की शरण लेने का सुझाव दिया। भवानीपुर से एक मामला सामने आया जिसमें एक मां ने केंद्र में आवेदन दिया था कि ससुराल वाले उसकी बेटी की चार महीने से विदागिरी नहीं दे रहे हैं। केंद्र में लड़की के ससुर उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि मेरे लड़के से जबरदस्ती लड़की की शादी करवाई गई है। इसके संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है। परिवार परामर्श केंद्र के सदस्यों के द्वारा समझाने बुझाने पर लड़की के पति और ससुर ने विश्वास दिलाया कि रक्षाबंधन के दिन हम लोग स्वयं लड़की को मायके पहुंचा देंगे। इससे संबंधित एक बंधपत्र पत्र भी बनाया गया। डगरूआ थाने से एक मामला आया जिसमें एक वृद्ध महिला ने कहा कि उसके पति की मौत के बाद उसका सौतेला बेटा उसके साथ मारपीट किया करता है और घर खाली करने की धमकी दे रहा है। केंद्र के सदस्य ने सौतेले बेटे को फटकार लगाते हुए कहा कि जब तक तुम्हारी सौतेली मां जीवित है उसी घर में रहेगी और उसको किसी प्रकार की कोई तकलीफ नहीं होनी चाहिए इस आशय का भी बंधपत्र बनाया गया। मामले को सुलझाने में केंद्र की संयोजिका सह महिला थाना अध्यक्ष किरण बाला, सदस्य दिलीप कुमार दीपक, स्वाति वैश्यंत्री, रवींद्र शाह, जीनत रहमान, प्रमोद जायसवाल और कार्यालय सहायक नारायण गुप्ता ने अहम भूमिका अदा किया।

  

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