समस्तीपुर (बिहार) : राजद में दावेदारों की भरमार, वही चेहरा या फिर जनता किसी नए को देगी ताज ।।

अश्वनी कुमार ब्यूरो रिपोर्ट

समस्तीपुर/हसनपुर : बिहार विधानसभा का चुनाव नजदीक है समस्तीपुर जिले के 140 हसनपुर विधानसभा पर इस बार कई प्रत्याशियों की नजर है. प्रत्येक प्रत्याशी अपने पूरे दमखम के साथ टिकट के लिए जोड़ आजमाइश कर रहे हैं बता दें कि पिछले 10 साल से  हसनपुर  विधानसभा के विधायक राजकुमार राय जदयू से हैं. परंतु इस बार हवा का रुख बदला-बदला सा नजर आ रहा है. जनता के बीच उनके 10 साल के सत्ता का विरोध साफ़ दिख रहा है. विधानसभा के ग्रामीण सड़कों की स्थिति बदतर स्थिति में है तो बाढ़ ने अपना रूप अलग ही दिखाना शुरू कर दिया है, कोरोना काल में बाहर से आये मजदूरों को रोजगार ना मिल पाना भी एक चुनावी मुद्दा बन गया है. एक तरफ जहां स्पष्ट है की NDA गठबंधन के प्रत्याशी जदयू के राजकुमार राय ही होंगे, तो दूसरी तरफ राजद खेमे में लंबी कतार है. हालांकि मुख्य रूप से कुछ ही प्रत्याशी हैं जो कि क्षेत्र में लगातार मेहनत कर रहे हैं बिथान प्रखंड प्रमुख विभा देवी का नाम इनमें उभर कर आता है. बता दें कि विभा बाहुबली अशोक यादव की पत्नी हैं, फिलहाल अशोक भी जमानत पर जेल से बाहर हैं. विभा विगत 10 सालों से लगातार सत्ता पर काबिज होने के लिए क्षेत्र में मेहनत कर रही हैं और पिछले तीन टर्म से बिथान की प्रमुख भी हैं और पार्टी के कार्यक्रमों के अलावे सामाजिक कार्यों में भी इनकी भागीदारी रही है. महिला उम्मीदवार की बात होगी तो विभा देवी का नाम सबसे आगे है.

राजद के अन्य दावेदारों की बात करें तो एक नाम काफी तेजी से क्षेत्र में चर्चा में है और वो है युवा राजद के जिला उपाध्यक्ष कुमुद रंजन का कुमुद पार्टी के कार्यक्रमों में भाग लेते रहते हैं और युवाओं के बीच इनकी पकड़ है. यदि राजद किसी युवा चेहरे को टिकट देती है तो कुमुद उसमें फिट बैठते हैं. टिकट के लिए पिछले कई महीनों से इनकी भाग दौड़ पटना स्थित राबड़ी आवास पर भी देखी गयी है. हसनपुर का प्रतिनिधित्व कर चुके पूर्व विधायक सुनील कुमार पुष्पम के एक मामले में सज़ायाफ्ता हो जाने के कारण उनकी धर्मपत्नी माला पुष्पम भी राजद से टिकट की दौड़ में हैं जो कि अपने पति सुनील पुष्पम के जेल जाने के  सहानुभूति वोट के बल पर क्षेत्र में जीत का दावा करती हैं, लेकिन माला पुष्पम की सक्रियता क्षेत्र में शून्य ही रही है. 

जिला राजद के महासचिव ललन यादव भी राजद से टिकट के दावेदार हैं कई दफे वो कोशिश कर चुके हैं लेकिन हमेशा उनका टिकट कटता गया. ललन हसनपुर के प्रथम विधायक महावीर रावत के पोते हैं. लेकिन अपने विधानसभा में इनकी उपस्थिति कम रही है.

सबसे अहम बात ये है कि टिकट की जुगाड़ में खड़े लोगों की बात करें तो सूत्रों के अनुसार भाजपा नेता अर्जुन यादव, जदयू नेता रामनारायण मंडल उर्फ बच्ची मंडल भी दल बदलने से परहेज नही करेंगे बशर्ते पहले उन्हें राजद टिकट की गारंटी दे.

महागठबंधन से टिकट जिसे भी मिले एक बात तो साफ है फिलहाल राजद में इस सीट से कई दावेदार हैं जो कि पटना दरबार का चक्कर लगा रहे हैं और जदयू के राजकुमार अपनी तैयारियों में लगे हैं, अब देखना दिलचस्प होगा कि  हसनपुर का अगला प्रतिनिधि कौन ? वही चेहरा या फिर जनता किसी नए को मौका देगी ।।

  


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