बाढ़ के बीच कुंडी पुल पर पहुंचा ‘अपनों का खाना’, गर्म चावल-चिकन पाकर खिल उठे चेहरे
- by Manjesh Kumar
- 17-Sep-2026
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10-12 दिनों से तंबुओं में गुजर रही जिंदगी के बीच ट्रैक्टर से पहुंचा गर्म भोजन, सरपंच और जिप सदस्य प्रतिनिधि ने खुद परोसी थाली
कटिहार: चारों तरफ पानी... सिर छिपाने के लिए तंबू और दिन-रात राहत के इंतजार में गुजरती जिंदगी। पिछले 10-12 दिनों से बाढ़ की मार झेल रहे मोहनाचांदपुर पंचायत के कुंडी पुल के पास रह रहे सैकड़ों परिवारों के बीच बुधवार की दोपहर अचानक ऐसा नजारा दिखा, जिसने कुछ देर के लिए बाढ़ की पीड़ा को पीछे छोड़ दिया। एक ट्रैक्टर तंबुओं के बीच पहुंचा। उस पर बड़े-बड़े बर्तनों में गर्म चावल, चिकन और मिक्स सब्जी थी। ट्रैक्टर देखते ही बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग तंबुओं से निकलकर उसके पास पहुंचने लगे। कोई थाली लेकर आया तो कोई बर्तन। देखते ही देखते भोजन लेने वालों की कतार लग गई। सबसे खास बात यह रही कि भोजन सिर्फ पहुंचाया नहीं गया, बल्कि सरपंच मो इरशाद और जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि शारीफ खान ने खुद अपने हाथों से बाढ़ पीड़ितों को खाना परोसा।
जन सुराज युवा प्रखंड अध्यक्ष राजेश सिंह समेत अन्य लोग भी इस दौरान मौजूद रहे। कई दिनों से सामुदायिक किचन के भोजन पर निर्भर परिवारों के बीच गर्म चावल, चिकन और मिक्स सब्जी की थाली पहुंची तो बच्चों के चेहरे खिल उठे। बुजुर्गों के चेहरों पर भी संतोष नजर आया। भोजन वितरण के साथ लोगों से उनकी परेशानियां भी पूछी गईं।
‘सिर्फ खाना नहीं, अपनों का साथ देने पहुंचे हैं’
सरपंच मो इरशाद ने कहा कि बाढ़ के समय सरकारी राहत व्यवस्था अपनी जगह है, लेकिन अपने पंचायत के लोगों के बीच रहकर उनकी जरूरतों को समझना भी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष बाढ़ के दौरान मोहनाचांदपुर पंचायत में बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पका हुआ भोजन वितरित किया जाता है। जहां पका भोजन पहुंचाना संभव नहीं होता, वहां सूखा राशन उपलब्ध कराया जाता है। जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि शारीफ खान ने कहा कि संकट की इस घड़ी में बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच रहकर उनकी जरूरतों में सहयोग करना ही उद्देश्य है। पानी से घिरे तंबुओं के बीच बुधवार को कुछ देर के लिए माहौल बदला। राहत की कतार में खड़े परिवारों को सिर्फ एक वक्त का गर्म भोजन नहीं मिला, बल्कि यह एहसास भी हुआ कि मुश्किल की इस घड़ी में कोई उनके बीच खड़ा है।


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