गंगा के बाद अब पुनपुन नदी का बढ़ा जलस्तर, पानी के डेंजर लेवल पार करते ही धंसी सड़क

पटना: राजधानी पटना से सटे पुनपुन इलाके में नदियों के बढ़ते जलस्तर ने जहां लोगों की चिंता बढ़ा दी है। नदी में बढ़े जलस्तर की वजह से इलाके की सड़कें धंसने लगी है। पटना से सटे बरैयाको पंचायत में नदी के किनारे बनी कनेक्टिविटी सड़क कई जगहों पर धंसने लगी है। सड़क के ठीक किनारे मकान होने के कारण ग्रामीणों को आशंका है कि जलस्तर और बढ़ा तो सड़क के साथ उनके घर भी नदी की चपेट में आ सकते हैं। पटना जिला प्रशासन के आंकड़े के अनुसार पुनपुन नदी का जलस्तर करीब 52 सेंटीमीटर तक पहुंच गया है, जबकि डेंजर लेवल करीब 50 सेंटीमीटर बताया जा रहा है। पानी का दबाव बढ़ने के साथ नदी किनारे की सड़क धीरे-धीरे कटने और धंसने लगी है। कई जगह सड़क के किनारे की मिट्टी खिसक रही है।

बताया जाता है कि सड़क का निर्माण हाल ही में कराया गया था, लेकिन जलस्तर बढ़ते ही सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर बह गया। सड़क के बह जाने से आवागमन पर भी संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी और कथित तौर पर पदाधिकारियों एवं संवेदक की मिलीभगत के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण होता तो महज कुछ महीनों में सड़क इस तरह नदी के बहाव में नहीं बहती। सड़क टूटने की सूचना मिलने पर मसौढ़ी अनुमंडल पदाधिकारी धनराज कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुनपुन अंचल के सीओ प्रभात रंजन ने बताया है कि एसडीओ के निर्देश पर पथ निर्माण विभाग द्वारा सड़क के दोनों ओर बांस से बैरिकेडिंग कराई गई है, ताकि आवागमन के दौरान कोई अनहोनी न हो।

ग्रामीण विनीत कुमार ने बताया कि 2019 के बाद पहली बार पुनपुन नदी में इस तरह का जलस्तर देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क लगातार धंस रही है और घर नदी के बिल्कुल किनारे हैं। ग्रामीण रातभर जागकर सड़क और नदी के जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश और जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो गांव से बाहर निकलने का रास्ता भी बंद हो सकता है। इससे बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों को लेकर चिंता और बढ़ गयी है।

  

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