7वें वेतन आयोग की मांग को लेकर शिक्षकों का आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी, आंदोलनकारी शिक्षकों ने कहा मांग पूरी होने तक...
- by Manjesh Kumar
- 03-Oct-2026
- Views
पटना: बिहार स्टेट टीचर्स एसोसिएशन गोपगुट के आह्वान पर 7वें वेतनमान और सेवा शर्तों की स्पष्ट अधिसूचना की मांग को लेकर शिक्षकों का अनिश्चितकालीन अनशन शनिवार को दूसरे दिन भी गर्दनीबाग धरना स्थल पर जारी रहा। 2 अक्टूबर से शुरू हुए इस आंदोलन में राजधानी समेत विभिन्न जिलों से पहुंचे शिक्षक अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। शिक्षकों का कहना है कि राज्यकर्मी का दर्जा मिलने के बावजूद उन्हें मूल कर्मचारियों की तरह 7वें वेतनमान का पूरा लाभ नहीं दिया जा रहा है, जिससे प्रदेश के करीब 5.5 से 6 लाख शिक्षक सीधे तौर पर प्रभावित हैं।
धरना स्थल पर मौजूद शिक्षक नेता अश्विनी पांडेय ने सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि लंबे संघर्ष और विरोध-प्रदर्शनों के बाद सरकार ने कागजों में राज्यकर्मी का दर्जा तो दे दिया, लेकिन हकीकत में हमें असल राज्यकर्मी का 'फर्स्ट कॉपी' बनाकर छोड़ दिया गया है। जब तक सातवें वेतन आयोग के अनुरूप पूर्ण वेतनमान और अन्य भत्तों का लाभ नहीं मिलता, तब तक यह दर्जा केवल दिखावा है। आंदोलन में शामिल शिक्षक मंटू कुमार पांडेय ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि विभागीय मंत्री का कहना है कि मांगों की संचिका सरकार के पास विचाराधीन है और निर्णय होना बाकी है. सवाल यह है कि यह निर्णय कब होगा? फिलहाल एमएलसी चुनाव के चलते सरकार और विभाग में हलचल दिख रही है। डर इस बात का है कि चुनाव खत्म होते ही मामला फिर से ठंडे बस्ते में न डाल दिया जाए। इसी संशय के चलते शिक्षकों को सड़क पर उतरना पड़ा है।
बीएसटीए गोपगुट के प्रतिनिधियों ने दो टूक कहा कि जब तक सरकार सातवें वेतनमान और सेवा शर्तों को लागू करने की ठोस अधिसूचना जारी नहीं करती, तब तक अनशन और आंदोलन अनवरत चलेगा। इधर, शनिवार को धरना स्थल पर आंदोलन की वर्तमान स्थिति, अनशन पर बैठे शिक्षकों के स्वास्थ्य और आगे की रणनीति साझा करने के लिए मीडिया वार्ता भी बुलाई गई, जिसमें संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज करने की चेतावनी दी।


Post a comment