आईजीआईएमएस में अत्याधुनिक मिनिमली इनवेसिव तकनीक से अन्ननली (इसोफेगस) कैंसर के दो मरीजों का सफल ऑपरेशन

पटना: इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस), पटना के चिकित्सकों ने अन्ननली (इसोफेगस) के कैंसर से पीड़ित दो मरीजों का अत्याधुनिक मिनिमली इनवेसिव (लेप्रोस्कोपिक-थोरेकोस्कोपिक) तकनीक से सफल ऑपरेशन कर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। पहले मरीज भागलपुर निवासी मोहम्मद शहनवाज खान को अन्ननली के कैंसर का निदान हुआ था। उन्हें ऑपरेशन के लिए दिल्ली जाने की सलाह दी गई थी, लेकिन आर्थिक कारणों से उन्होंने आईजीआईएमएस में इलाज कराने का निर्णय लिया। उन्होंने गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी विभाग के अतिरिक्त प्राध्यापक डॉ साकेत कुमार से परामर्श लिया। आवश्यक जांच एवं तैयारी के बाद उनका पूर्णतः लेप्रोस्कोपिक-थोरेकोस्कोपिक इसोफेगेक्टॉमी द्वारा सफल ऑपरेशन किया गया, जिसमें कैंसरग्रस्त अन्ननली को सफलतापूर्वक निकाल दिया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति लगातार अच्छी रही और उन्हें आठवें पोस्ट-ऑपरेटिव दिन स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

दूसरी मरीज वैशाली निवासी सुश्मिता कुमारी को अन्ननली का बड़ा कैंसर था। उनका प्रारंभिक उपचार आईजीआईएमएस के स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में कीमोथेरेपी एवं रेडियोथेरेपी द्वारा किया गया। उपचार के बाद ट्यूमर का आकार कम होने पर उन्हें ऑपरेशन के लिए डॉ साकेत कुमार के पास भेजा गया। विस्तृत जांच के उपरांत उनका भी मिनिमली इनवेसिव तकनीक से सफल ऑपरेशन किया गया और कैंसर को पूरी तरह निकाल दिया गया। वर्तमान में उनकी स्थिति अच्छी है तथा शीघ्र ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।

क्या है अन्ननली (इसोफेगस) का कैंसर?

अन्ननली का कैंसर अत्यंत गंभीर एवं जानलेवा कैंसरों में से एक है। यदि समय पर इसका पता न चले तो मृत्यु दर काफी अधिक होती है। यह सामान्यतः अधिक उम्र के लोगों में देखा जाता है, हालांकि कम उम्र के मरीज भी इससे प्रभावित हो सकते हैं।

इस कैंसर के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं—

  • धूम्रपान
  • शराब का सेवन
  • मिलावटी एवं हानिकारक खाद्य पदार्थों का सेवन
  • लंबे समय तक एसिड रिफ्लक्स (GERD)
  • मोटापा

इस बीमारी का सबसे प्रमुख लक्षण खाना निगलने में लगातार बढ़ती कठिनाई है। इसके साथ मरीजों में तेजी से वजन घटना, कमजोरी तथा कभी-कभी सीने में दर्द भी हो सकता है। समय पर पहचान और उचित उपचार से इस बीमारी का सफल इलाज संभव है।

ऑपरेशन करने वाली टीम

इन दोनों जटिल ऑपरेशनों को डॉ साकेत कुमार, डॉ. संजय कुमार, डॉ तुषार पटेल, डॉ नेत्रानंद, डॉ दानिश तथा एनेस्थीसिया विभाग की टीम, जिसका नेतृत्व डॉ अखिलेश्वर ने किया, ने सफलतापूर्वक संपन्न किया। संस्थान के मेडिकल सुपरिटेंडेंट एवं विभागाध्यक्ष डॉ मनीष मंडल ने कहा कि आईजीआईएमएस में अब कैंसर की जटिल सर्जरी के लिए लेप्रोस्कोपिक तथा रोबोटिक दोनों तकनीकें अत्यंत किफायती लागत पर उपलब्ध हैं। इससे बिहार एवं आसपास के राज्यों के मरीजों को उच्चस्तरीय कैंसर उपचार के लिए दूसरे राज्यों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उप निदेशक (प्रशासन) डॉ विभूति प्रसन्न सिन्हा ने भी दोनों मरीजों के सफल उपचार एवं बेहतर परिणाम के लिए चिकित्सकों और पूरी टीम को बधाई दी। आईजीआईएमएस के निदेशक डॉ बिंदे कुमार ने दोनों मरीजों के सफल उपचार पर पूरी सर्जिकल, ऑन्कोलॉजी, एनेस्थीसिया एवं नर्सिंग टीम को बधाई देते हुए कहा कि संस्थान उन्नत एवं गुणवत्तापूर्ण कैंसर उपचार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

  

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