अब मुजफ्फरपुर में बुजुर्गों से हर सप्ताह हालचाल पूछेगी पुलिस, एसएसपी ने की अभियान की शुरुआत

मुजफ्फरपुर: बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर अब मुजफ्फरपुर पुलिस ने एक अनोखी पहल की शुरुआत की है, जिसकी पहली झलक रविवार को  देखने को मिली। अचानक जिले के एसपी नागरिकों के बीच पहुंचे और मुलाकात कर समस्याएं सुनी। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से खास मुलाकात की और उनकी सुरक्षा की जानकारी ली। बता दें कि बीते जुलाई में शहर के मिठनपुरा थाना क्षेत्र में बुजुर्ग दंपति की हत्या की घटना के बाद शहर में रह रहे वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठने लगे थे।

अब पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया हैm इस पहल की शुरुआत खुद मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस कप्तान कांतेश कुमार मिश्रा ने की। रविवार को एसएसपी शहर में निकले और वरिष्ठ नागरिकों से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने बुजुर्गों के साथ जनसंवाद किया और उनकी सुरक्षा को लेकर पुलिस की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। बताया गया की पुलिस की इस नई पहल के तहत शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों का मोबाइल नंबर संबंधित थानों में दर्ज किया जाएगा। पुलिसकर्मी सप्ताह में कम से कम एक बार उनसे फोन पर संपर्क कर उनकी कुशलक्षेम पूछेंगे। साथ ही यह भी जानने की कोशिश की जाएगी कि उन्हें किसी तरह की परेशानी तो नहीं है या उनके आसपास किसी तरह की आपराधिक गतिविधि तो नहीं चल रही।

इस अभियान के तहत रविवार को पुलिस कप्तान कांतेश कुमार मिश्रा मिठनपुरा थाना क्षेत्र स्थित जुब्बा सहनी पार्क पहुंचे, यहां उन्होंने कई वरिष्ठ नागरिकों से मुलाकात की और उनसे बातचीत कर उनकी समस्याओं तथा सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं की जानकारी ली। एसएसपी ने बुजुर्गों से पूछा कि उन्हें किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही है और आसपास का माहौल कैसा है। पुलिस कप्तान ने वरिष्ठ नागरिकों को भरोसा दिलाया कि मुजफ्फरपुर पुलिस उनकी सेवा और सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर है। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य सिर्फ घटना के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराध की आशंका को पहले ही पहचानकर उसे रोकना भी है। वरिष्ठ नागरिकों से नियमित संपर्क इसी दिशा में उठाया गया कदम है।

पुलिस की योजना के मुताबिक, शहर के सभी थाना क्षेत्रों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की जानकारी संबंधित थानों के पास उपलब्ध रहेगी। पुलिसकर्मी नियमित रूप से उनसे संपर्क करेंगे और उनकी सुरक्षा से संबंधित फीडबैक लेंगे। अगर किसी बुजुर्ग को अपने आसपास संदिग्ध गतिविधि, किसी व्यक्ति की आवाजाही या किसी अन्य तरह की परेशानी महसूस होती है तो पुलिस तक उसकी सूचना तत्काल पहुंचाई जा सकेगी।

रूपेश कुमार की रिपोर्ट

  

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