खाद्य संरक्षा को लेकर राज्य भर में चलाया जा रहा अभियान, वैशाली में भारी मात्रा में पनीर किया गया नष्ट
- by Manjesh Kumar
- 05-Oct-2026
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खाद्य संरक्षा को लेकर राज्य भर में सघन अभियान जारी। वैशाली में 328 किग्रा संदिग्ध मिलावटी पनीर जब्त कर कराया गया विनष्टीकरण। मिलावटी एवं खराब खाद्य पदार्थों को कराया गया नष्ट, हजारों बोतल पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर जब्त
पटना: राज्य में आम लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण, खाद्य पदार्थों के नमूना संग्रहण एवं प्रयोगशाला जांच की कार्रवाई लगातार जारी है। सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर खाद्य संरक्षा अधिकारियों द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई भी की जा रही है।
इसी क्रम में वैशाली जिले के बिदुपुर प्रखंड स्थित मेसर्स जीएसपी पनीर भंडार एवं श्री राम पनीर भंडार में मिलावटी पनीर की शिकायत के आधार पर छापेमारी कर जांच की गई। प्रथम दृष्ट्या जांच में पनीर में स्टार्च की मौजूदगी पाई गई। कार्रवाई के दौरान दोनों प्रतिष्ठानों से कुल 328 किलोग्राम पनीर जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 85,280 रुपए है। जब्त पनीर को जनहित में विनष्ट कराया गया। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि दोनों प्रतिष्ठानों द्वारा खाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आवश्यक लाइसेंस/पंजीकरण प्राप्त नहीं किया गया था। इसके मद्देनजर दोनों प्रतिष्ठानों में पनीर निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है। मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
27 अगस्त से 05 अक्टूबर तक राज्य भर में सघन निरीक्षण
27 अगस्त से 05 अक्टूबर तक राज्य के विभिन्न जिलों में खाद्य संरक्षा अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण एवं नमूना संग्रह की कार्रवाई की गई। इस दौरान पनीर, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, मिठाई, मसाले, खाद्य तेल, पेय पदार्थ, अनाज, दाल सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित कर जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे गए। शेखपुरा एवं जमुई में 35, लखीसराय एवं खगड़िया में 49, नालंदा एवं नवादा में 27, समस्तीपुर, दरभंगा एवं मधुबनी में 38, गया में 55, अरवल में 42, भागलपुर, बांका एवं कटिहार में 39, वैशाली एवं पश्चिमी चंपारण में 45, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी एवं शिवहर में 79, बेगूसराय, सहरसा एवं सुपौल में 62, छपरा एवं पूर्वी चंपारण में 42, पटना में 46, मुंगेर, पूर्णिया एवं मधेपुरा में 56 तथा सीवान एवं गोपालगंज में 65 खाद्य नमूने संग्रहित किए गए।
कई जिलों में खराब एवं संदिग्ध खाद्य पदार्थों पर कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी एवं शिवहर में करीब 105 किलोग्राम दूषित पनीर जब्त कर नष्ट कराया गया। इसके अलावा 18 किलोग्राम छेना, 12 किलोग्राम पेड़ा एवं 27 किलोग्राम सोनपापड़ी एक्सपायर्ड पाए जाने पर नष्ट कराए गए। अन्य दूषित खाद्य पदार्थों को भी नियमानुसार विनष्ट कराया गया। वैशाली एवं पश्चिमी चंपारण में खराब पनीर नष्ट कराया गया तथा 35,454 बोतल पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर जब्त किया गया। बेगूसराय, सहरसा एवं सुपौल में 8 किलोग्राम खराब लड्डू एवं 5 किलोग्राम खराब पनीर नष्ट कराया गया। इसके अतिरिक्त पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की 1 लीटर की 310 बोतल एवं 500 मिलीलीटर की 1,230 बोतल जब्त की गईं।
समस्तीपुर, दरभंगा एवं मधुबनी में 18 किलोग्राम मिलावटी पनीर नष्ट कराया गया तथा संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध इंप्रूवमेंट नोटिस जारी करने एवं खाद्य लाइसेंस निलंबित करने हेतु सक्षम प्राधिकारी से अनुशंसा की गई। नालंदा एवं नवादा में खराब पाए गए घी एवं सोनपापड़ी को नष्ट कराया गया। वहीं मुंगेर, पूर्णिया एवं मधेपुरा में खराब पेड़ा, बर्फी, लड्डू, केक एवं करीब खराब मलाई को नष्ट कराया गया। सीवान एवं गोपालगंज में बिना एक्सपायरी डेट सॉस, एक्सपायर्ड कार्बोनेटेड ड्रिंक, रंगयुक्त जलेबी एवं बूंदी को नष्ट कराया गया।
अब तक 865 से अधिक खाद्य नमूने संग्रहित
खाद्य सुरक्षा एवं जन स्वास्थ्य के दृष्टिगत चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अब तक विभिन्न खाद्य श्रेणियों के 865 से अधिक खाद्य नमूने संग्रहित किए गए हैं। इनमें दुग्ध एवं दुग्ध उत्पाद, मिठाई, अनाज एवं दाल, मसाले एवं सॉस, बेवरेज, खाद्य तेल, स्ट्रीट फूड, बेकरी एवं अन्य खाद्य श्रेणियों के नमूने शामिल हैं।
खाद्य प्रतिष्ठानों को दिए जा रहे आवश्यक निर्देश
निरीक्षण के दौरान खाद्य कारोबारियों को FIFO एवं FEFO प्रणाली का पालन, खाद्य एवं गैर-खाद्य सामग्री को अलग रखने, कच्चे एवं पके खाद्य पदार्थों को अलग रखने, खाद्य पदार्थों को ढककर रखने तथा रसोई एवं प्रतिष्ठान परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही कर्मचारियों को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, आवश्यकतानुसार ग्लव्स एवं हेयर नेट का उपयोग करने तथा खाद्य प्रतिष्ठानों का वैध FSSAI लाइसेंस प्राप्त कर उसे प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। दोबारा इस्तेमाल किए गए अथवा खराब तेल का उपयोग नहीं करने तथा एक्सपायर्ड, खराब एवं संदूषित खाद्य पदार्थों को तत्काल हटाने के लिए भी खाद्य कारोबारियों को निर्देशित किया गया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं आमजन की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। पर्व-त्योहारों के दौरान मिलावट एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के विरुद्ध राज्यभर में यह अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।


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