बेटी के लव मैरिज करने पर समाज का अजीबोगरीब फरमान, परिवार ने पहले किया जिंदा बेटी का दाह संस्कार फिर...
- by Manjesh Kumar
- 11-May-2026
- Views
मुजफ्फरपुर: आधुनिक युग में एक तरफ जहां लोग आधुनिकता की तरफ तेजी से अपना कदम बढ़ा रहे हैं तो दूसरी तरफ मुजफ्फरपुर से हैरान करने वाली एक खबर सामने आ रही है। यहां एक परिवार ने लव मैरिज करने से नाराज हो अपनी जिंदा बेटी का दाह संस्कार किया। हालांकि परिवार ने समाज के दबाव में आकर बेटी का अंतिम संस्कार किया। मामला मुजफ्फरपुर के करजा थाना क्षेत्र की है जहां एक गांव की युवती अपने ग्रामीण युवक के साथ प्रेम प्रसंग में थी। करीब एक महीने पहले युवती ने प्रेमी के साथ भाग कर शादी कर ली। इस दौरान परिजनों ने थाना में शिकायत भी दर्ज कराई थी जिसके बाद पुलिस ने छानबीन करते हुए युवती को बरामद कर कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट में युवती ने अपने आप को बालिग बताते हुए प्रेमी के साथ रहने की इक्षा जताई थी तब कोर्ट ने उसे पति के साथ भेज दिया।
लव मैरिज के बाद परिवार का सामाजिक बहिष्कार
मामले के बाद गांव के लोगों ने युवती के परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया और ग्रामीणों को भी चेतावनी दी कि उक्त परिवार से जो भी संपर्क करेगा या किसी भी तरह का बात व्यवहार करेगज उसके विरुद्ध सामाजिक कार्रवाई की जाएगी। पंचायत ने परिवार को सामाजिक बहिष्कार से बचने के लिए बेटी को मृत मान कर उसका दाह संस्कार करने की बात कही थी। सामाजिक दबाव की वजह से परिवार के लोगों ने रविवार को अपनी जिंदा बेटी को ही मृत मान कर उसका पुतला बनाया और अर्थी पर रख कर चार लोगों ने कंधा दे कर श्मशान पहुंचाया और विधि विधान से उसका अंतिम संस्कार किया। मामले में स्थानीय मुखिया विकास कुमार सिंह ने कहा कि सामाजिक बहिष्कार से बचने के लिए परिवार ने अपनी बेटी को मृत मान कर उसका अंतिम संस्कार किया है।
पुलिस ने कहा नियमानुसार दर्ज कराया गया था बयान
वहीं मामले में करजा थानाध्यक्ष परमहंस सिंह ने बताया कि युवती के अपने प्रेमी के साथ जाने के बाद परिजनों की शिकायत पर बरामद कर कोर्ट में पेश किया था। नियमनुसार युवती ने अपने बयान में खुद को बालिग बताते हुए पति के साथ रहने की इक्षा जताई थी जिसके बाद कोर्ट ने उसे ससुराल भेज दिया था। अब पुलिस सामाजिक दबाव मामले की जांच में जुट गई है।


Post a comment