उद्योगों के लिए बिहार अब पूरी तरह तैयार, राज्य के प्रति अपनी सोच बदलें निवेशक : मुख्यमंत्री
- by Manjesh Kumar
- 24-Oct-2026
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पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को गया जिला स्थित वेलकम होटल बाय आईटीसी, बोधगया में बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (BIMCGL) का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर बिहार बिजनेस कनेक्ट (BBC) 2027 का कर्टेन रेज़र भी आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (BIMCGL) के 'लोगो' का शुभारंभ किया तथा BIMCGL वेब पॉर्टल को लॉन्च किया। कार्यक्रम का आयोजन बिहार सरकार के उद्योग विभाग द्वारा BIADA एवं इन्वेस्ट बिहार के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार अब उद्योगों के विकास के लिए पूरी तरह तैयार है। राज्य में औद्योगिक निवेश, आधारभूत संरचना, हवाई संपर्क और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। अब समय आ गया है कि बिहार के प्रति देश-दुनिया के लोग सोच बदलें और निवेशक राज्य में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाएं। बिहार औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार सृजन के नए दौर की ओर अग्रसर है। राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार की औद्योगिक संभावनाओं को वास्तविक अवसरों में बदलना, निवेशकों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना और युवाओं के लिए राज्य में ही रोजगार के पर्याप्त अवसर सृजित करना है। बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया जी को अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (AKIC) के अंतर्गत लगभग 1,670 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना में लगभग 16,500 करोड़ रूपये के निवेश की क्षमता है और इससे करीब 1 लाख 10 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी, गया राज्य के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उद्योगों और आधारभूत संरचना के विकास के लिए लगभग 13,500 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, जिसे जनवरी तक पूरा करने की संभावना है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास को गति देने के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर आधुनिक औद्योगिक सुविधाओं का विकास कर सकें। बिहार में देश का सबसे बड़ा बेवरेज बॉटलिंग प्लांट स्थापित हुआ है और स्टील प्लांट भी लगाया जा रहा है। ये परियोजनाएं राज्य में उद्योगों की बढ़ती संभावनाओं को दर्शाती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गया और बोधगया केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व रखते हैं। बोधगया वह पवित्र धरती है, जहां भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। वहीं, गयाजी में इस बार पिंडदान के लिए 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन हुआ है। इन धार्मिक और सांस्कृतिक विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए मगध के नाम पर टाउनशिप और सांस्कृतिक विरासत केंद्र स्थापित करने की योजना है। इससे क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को सुदृढ़ करने के साथ-साथ पर्यटन, स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने गया के हवाई संपर्क को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि गयाजी को दुबई और काठमांडू से हवाई मार्ग द्वारा जोड़ने की योजना है। इसके अतिरिक्त भागलपुर, सोनपुर सहित बिहार के अन्य क्षेत्रों में भी हवाई संपर्क के विस्तार की दिशा में काम किया जा रहा है। बेहतर परिवहन और कनेक्टिविटी से निवेशकों, उद्यमियों, पर्यटकों तथा श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और औद्योगिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गया जी अब आधुनिक विनिर्माण, औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के प्रमुख केंद्र के रूप में भी अपनी नई पहचान स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि बिहार में स्टील एवं मेटल्स, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन एवं ऑटोमोबाइल तथा बायोफ्यूल जैसे क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएँ हैं। इन क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि बिहार का युवा अपने प्रदेश में ही शिक्षा प्राप्त करे, कौशल विकसित करे और सम्मानजनक रोजगार हासिल करे। औद्योगिक विकास को कौशल विकास, उद्यमिता और रोजगार सृजन से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बिहार में उद्योगों के विस्तार से युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने की मजबूरी कम होगी। राज्य सरकार ऐसा वातावरण विकसित करना चाहती है, जहाँ बिहार के युवा अपने प्रदेश में ही अपने भविष्य का निर्माण कर सके और देश-दुनिया के निवेशक बिहार में आकर उद्योग स्थापित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 को देश और दुनिया के निवेशकों के लिए बिहार की औद्योगिक संभावनाओं, नीतिगत सुविधाओं और निवेश के अवसरों से जुड़ने का प्रमुख मंच बनाया जाएगा। इस आयोजन के माध्यम से निवेशकों को राज्य की विकास प्राथमिकताओं, औद्योगिक आधारभूत संरचना और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं से परिचित कराने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करना नहीं, बल्कि निवेश को वास्तविक परियोजनाओं में बदलना है। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, उत्पादन की शुरुआत, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार औद्योगिक विकास की सफलता के प्रमुख आधार होंगे। बिहार में निवेश की संभावनाओं को वास्तविक उपलब्धियों में बदलने के लिए सरकार निवेशकों के साथ समन्वय, अनुकूल नीतिगत वातावरण और औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दे रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रवासी बिहारियों से अपनी मातृभूमि से निरंतर जुड़े रहने की अपील करते हुए कहा कि बिहार फाउंडेशन के माध्यम से 55 देशों के लोग राज्य से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों ने देश-दुनिया में अपनी प्रतिभा और मेहनत से पहचान बनाई है। प्रवासी बिहारी जहां भी कार्य करें, उन्हें अपनी मातृभूमि को नहीं भूलना चाहिए और बिहार के विकास में अपनी भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार में निवेश की अपार संभावनाएं हैं और राज्य उद्योगों की स्थापना, आधारभूत संरचना के विस्तार तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए प्रतिबद्ध है। बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 के माध्यम से राज्य की औद्योगिक क्षमता, निवेश के अवसरों और विकास की नई संभावनाओं को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी, गया जैसी परियोजनाएं राज्य को औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के साथ-साथ बिहार की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। कार्यक्रम में उद्योग विशेषज्ञ वरिष्ठ निदेशक, SLMG बेवरेजेस सिद्धार्थ लढानी तथा प्रबंध निदेशक-सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नेचुरल डेयरी प्रा लि हेमंत दास ने औद्योगिक विकास की संभावनाओं, निवेश से जुड़े विषयों पर अपने विचार तथा अनुभव साझा किया।
उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने स्वागत भाषण एवं उद्योग स्थापित करने तथा निवेश की दिशा में बिहार सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों, नई नीतियों, अनुकूल माहौल, उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर एवं सुविधाओं तथा बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (BIMCGL) के संबंध में संक्षिप्त प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 का आयोजन 17 एवं 18 फरवरी 2027 को होगा। उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने मुख्यमंत्री को पौधा एवं अंगवस्त्र भेंटकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार, कृषि मंत्री सह गया जिला के प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन, अन्य जनप्रतिनिधिगण, जापान, थाईलैंड एवं लाओस के राजदूत, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, उद्योग विभाग के सचिव कुदंन कुमार, सूचना एवं प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह,सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के सचिव नवीन कुमार, मगध प्रमंडल की आयुक्त डॉ० सफीना ए०एन०, मगध प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव, गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, गया के वरीय पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी, उद्योगपति, निवेशक एवं उद्योग क्षेत्र से जुड़े गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


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