बेगूसराय के डॉ रितेश चौधरी ने रचा इतिहास, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम शामिल

बेगूसराय के बछवाड़ा प्रखंड स्थित गोधना गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक बनाई पहचान, सतारा हिल हाफ मैराथन में हासिल की उपलब्धि

बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय जिले के बछवाड़ा प्रखंड अंतर्गत स्थित गोधना गांव के होनहार सपूत डॉ रितेश चौधरी ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प से गांव का नाम गौरवान्वित किया है। महाराष्ट्र के सतारा में आयोजित प्रतिष्ठित हिल हाफ मैराथन में शानदार भागीदारी दर्ज कर उन्होंने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से जुड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनकी इस सफलता से गोधना गांव में खुशी और गर्व का माहौल है।

गोधना की मिट्टी से अंतरराष्ट्रीय पहचान तक

गोधना गांव निवासी डॉ रितेश चौधरी ने बीते 6 सितंबर को महाराष्ट्र के सतारा में आयोजित 15वीं पुनीत बालन ग्रुप सतारा हिल हाफ मैराथन में हिस्सा लिया। सतारा रनर्स फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में कुल 7,839 धावकों ने भाग लिया था। डॉ. रितेश ने 21.0975 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण दौड़ निर्धारित समय के भीतर सफलतापूर्वक पूरी की। इस आयोजन से जुड़ी गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की उपलब्धि के लिए उन्हें आधिकारिक प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। उनकी इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि प्रतिभा और दृढ़ संकल्प किसी बड़े शहर के मोहताज नहीं होते। गोधना जैसे ग्रामीण परिवेश से निकलकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई जा सकती है।

गोधना गांव में जन्मे, शिक्षा और मेहनत से बनाई पहचान

डॉ रितेश चौधरी का जन्म गोधना गांव में शिक्षक रविन्द्र चौधरी उर्फ रामसुबक चौधरी के परिवार में हुआ। गांव की मिट्टी से जुड़े रितेश का बचपन अनुशासन, शिक्षा और संस्कारों के बीच बीता। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव से प्राप्त की और आगे चलकर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया। उन्होंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए अपनी पेशेवर पहचान स्थापित की। वर्तमान में भी वे अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

व्यस्त नौकरी के बीच भी नहीं छोड़ा फिटनेस का जुनून

डॉ रितेश चौधरी ने पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ अपनी फिटनेस पर भी लगातार ध्यान दिया। नियमित अभ्यास, आत्म अनुशासन और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर उन्होंने चुनौतीपूर्ण सतारा हिल हाफ मैराथन सफलतापूर्वक पूरी की। उनकी उपलब्धि उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो ग्रामीण परिवेश से निकलकर शिक्षा, करियर और खेल के क्षेत्र में कुछ अलग करने का सपना देखते हैं।

गोधना गांव के लिए गर्व का क्षण

डॉ रितेश चौधरी की इस उपलब्धि से उनके परिवार, शुभचिंतकों और गोधना गांव के लोगों में खुशी का माहौल है। गांव के एक बेटे का नाम अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड से जुड़ना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। गोधना की गलियों से शुरू हुआ डॉ रितेश चौधरी का सफर आज एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आया है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि छोटे गांवों में जन्म लेने वाले सपने भी बड़े हो सकते हैं और मेहनत व संकल्प के बल पर उन्हें साकार किया जा सकता है। डॉ रितेश चौधरी की यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि गोधना गांव की पहचान और गौरव से जुड़ा एक यादगार क्षण है।

  

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