हाउसिंग एंड मेंटेनेंस टैक्स के नाम पर 1200 रुपए की वसूली पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने सरकार पर किया जोरदार हमला

पटना: बिहार में गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर घर से औसतन 1200 रुपए सालाना (लगभग 100 रुपए प्रतिमाह) होल्डिंग टैक्स या मेंटेनेंस शुल्क वसूलने का प्रस्ताव के खिलाफ बिहार कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि जिस राज्य में लगभग 85 लाख परिवार 5 किलो मुफ्त अनाज पर और लगभग 10 करोड़ व्यक्ति औसतन 50 रुपये प्रतिदिन की आमदनी पर जिंदा हो, वो भला गाँवों और पंचायतों में सलाना 1200 रू हाउसिंग या मेंटेनेंस टैक्स कहां से देगा?

बिहार के जाति सर्वे में यह बात सामने आई कि 94 लाख परिवारों की मासिक आमदनी 6000 रु. से भी कम है, मतलब लगभग 5 करोड़ लोग 40 रु. रोज पर जिंदा हैं और 81 लाख परिवार 10000 रूपये माह से कम कमाते हैं, अर्थात 4 करोड़ लोग 67 रुपए रोज पर जिंदा हैं वैसे में राज्य की ग्रामीण जनता पर नाहक बोझ डालकर सरकार आखिर क्या संदेश देना चाहती है।

पूंजीपतियों की हिमायती भाजपा सरकार आम बिहारियों को नई सरकार के गठन से खून चूसना शुरू कर दिया है और ऐसे में लगातार जनविरोधी फैसले ले रही है जिसका जनता के जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। राज्य में नागरिकों के आर्थिक उन्नयन के लिए कोई योजना नहीं आती है लेकिन जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाने वाले तमाम फैसलों को यह सरकार झट से लागू कर देती है। भाजपा जदयू सरकार ने जनता की गाढ़ी कमाई को नोचने की योजना पर काम करती है ना कि लोककल्याणकारी योजनाओं पर वें आगे बढ़ती है।

  

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