प्रशांत किशोर लड़ेंगे बाकीपुर विधानसभा से चुनाव, कहा 'राज्य के राजनीति की तय करेगा दशा और दिशा'

पटना: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के राज्यसभा सदस्य बनने और विधायक का पद छोड़ने के बाद उनकी सीट बाकीपुर खाली हो गई थी। इस सीट पर अब उप चुनाव की घोषणा हो गई है। बाकीपुर सीट पर उपचुनाव के लिए जन सुराज ने सबसे पहले अपने उम्मीदवार की घोषणा की है। इसके अनुसार इस सीट से प्रशांत किशोर खुद चुनाव लड़ेंगे। रविवार को राजधानी पटना में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में लेती के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने घोषणा की कि बाकीपुर सीट से उपचुनाव में पार्टी की तरफ से प्रशांत किशोर को उम्मीदवार बनाया जाएगा।

उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद प्रशांत किशोर ने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए बाकीपुर सीट को राज्य की दिशा बदलने वाली सीट बताया है। उन्होंने भाजपा और राज्य सरकार के खिलाफ राजनीतिक मोर्चा खोल दिया है। रविवार को पार्टी कार्यालय में उम्मीदवार घोषित होने के बाद उन्होंने कहा कि बांकीपुर का उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति की दिशा तय करने वाला चुनाव है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, भाजपा को हराने के लिए जो कुछ भी करना पड़ेगा, वह करेंगे।

प्रशांत किशोर ने पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। कहा कि पिछले चार वर्षों से जन सुराज ही उनके जीवन का उद्देश्य रहा है और आने वाले कम से कम दस वर्षों तक भी उनका एकमात्र लक्ष्य बिहार में वैकल्पिक राजनीति को स्थापित करना रहेगा। उन्होंने कहा कि बांकीपुर से चुनाव लड़ने की जिम्मेदारी को वह व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि जन सुराज के आंदोलन को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानते हैं। उनके अनुसार, वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद जन सुराज के समर्थकों में कुछ निराशा जरूर आई थी, लेकिन बांकीपुर में जीत मिलने पर बिहार में बदलाव की सोच को नई ऊर्जा मिलेगी।

प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले डेढ़ महीने से लगातार पार्टी कार्यकर्ता और बांकीपुर के मतदाता उनसे खुद चुनाव लड़ने का आग्रह कर रहे थे। लोगों का मानना था कि यदि बिहार में राजनीतिक बदलाव लाना है तो उन्हें स्वयं चुनावी मैदान में उतरना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी भावना का सम्मान करते हुए उन्होंने चुनाव लड़ने का निर्णय स्वीकार किया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि जनता उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनती है तो वे उनकी अपेक्षाओं और विश्वास पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। प्रशांत किशोर ने उपचुनाव को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के छह महीने के कार्यकाल का जनमत संग्रह करार दिया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव सरकार की नीतियों, कार्यशैली और नेतृत्व पर जनता का फैसला होगा। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा यह चुनाव जीतती है तो माना जाएगा कि बिहार की जनता सरकार की नीतियों से सहमत है।

  

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