‘एक विद्यालय-एक घोंसला’ पहल के तहत बच्चों ने खुद तैयार किए घोंसले, पेड़ पर टांग दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश

कटिहार: पक्षियों के संरक्षण और बच्चों में पर्यावरण के प्रति संवेदना विकसित करने के उद्देश्य से प्राथमिक विद्यालय हासिमपुर बालक में ‘एक विद्यालय-एक घोंसला’ पहल शुरू की गई। इसके तहत बच्चों ने खुद छोटे-छोटे घोंसले तैयार किए और उन्हें विद्यालय परिसर के पेड़ों पर टांगा। घोंसले लगाते समय बच्चों में खासा उत्साह दिखा। शिक्षिका वंदना ने बच्चों को बताया कि पेड़ों की लगातार कमी और बदलते पर्यावरण के कारण पक्षियों के प्राकृतिक आशियाने घट रहे हैं। ऐसे में कृत्रिम घोंसले उनके लिए सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराने का माध्यम बन सकते हैं। उन्होंने बच्चों से घर और विद्यालय के आसपास पक्षियों के लिए दाना-पानी रखने तथा पेड़-पौधों की देखभाल करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि प्रकृति संरक्षण के लिए बड़े अभियान के साथ छोटे प्रयास भी महत्वपूर्ण हैं। बच्चों का अपने हाथों से घोंसले बनाकर पेड़ों पर लगाना इसी दिशा में सार्थक पहल है। इससे उनमें पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं के प्रति प्रेम के साथ जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होगी। विद्यालय की इस पहल में बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। शिक्षकों ने कहा कि बच्चों को प्रकृति से जोड़ने वाली ऐसी गतिविधियां उन्हें किताबों से बाहर पर्यावरण की वास्तविक जरूरतों को समझने का अवसर देती हैं। बचपन में विकसित यह संवेदना आगे चलकर प्रकृति संरक्षण की मजबूत नींव बन सकती है।

  

Related Articles

Post a comment