ऐतिहासिक काढ़ागोला घाट के विकास की उठी मांग, गंगा समग्र ने डीएम को सौंपा दस सूत्री ज्ञापन
- by Manjesh Kumar
- 30-Oct-2026
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नमामि गंगे परियोजना के तहत रिवरफ्रंट डेवलपमेंट, घाट का सौंदर्यीकरण, इलेक्ट्रिक शवदाह गृह और श्रद्धालुओं के लिए यात्री शेड बनाने की मांग
कटिहार: गंगा नदी के तट पर स्थित ऐतिहासिक काढ़ागोला घाट की पहचान को पुनर्स्थापित करने और इसके समग्र विकास को लेकर गंगा समग्र के स्वयंसेवक लगातार प्रयासरत हैं। इसी कड़ी में गंगा समग्र के जिला संयोजक नवीन चौधरी 'बाबा' के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी, कटिहार को दस सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। इसमें ऐतिहासिक काढ़ागोला घाट के विकास, सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और गंगा नदी के पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी मांगें प्रमुखता से उठाई गईं।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि काढ़ागोला घाट पर नमामि गंगे परियोजना के तहत रिवरफ्रंट डेवलपमेंट का कार्य कराया जाए तथा घाट का समुचित सौंदर्यीकरण किया जाए। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए सामुदायिक शौचालय, शुद्ध पेयजल, महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, यात्री शेड एवं सामुदायिक भवन का निर्माण कराने की मांग भी रखी गई।
इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक शवदाह गृह की स्थापना, आपदा की स्थिति में त्वरित बचाव कार्य के लिए मोटरबोट एवं गोताखोरों की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया। गंगा नदी के किनारे हो रहे अवैध खनन पर रोक लगाने, नदी तटों पर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कराने तथा काढ़ागोला घाट पर नियमित मासिक गंगा आरती के आयोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
डीएम के साथ मांगों पर हुई सकारात्मक चर्चा
प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी के समक्ष काढ़ागोला घाट के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सामाजिक महत्व को रखते हुए इसके विकास की आवश्यकता बताई। मांगों को लेकर जिला पदाधिकारी के साथ सकारात्मक चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, डीएम ने इन मांगों पर आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर गंगा समग्र के जिला सह संयोजक मनोज साह, जीतू जायसवाल एवं बालकृष्ण पटेल उपस्थित रहे। गंगा समग्र के स्वयंसेवकों का मानना है कि काढ़ागोला घाट का योजनाबद्ध विकास होने से न केवल इसकी ऐतिहासिक एवं धार्मिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी, बल्कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ गंगा तट के पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।


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