मुजफ्फरपुर के विभिन्न छठ घाटों की तैयारी, डीएम के निर्देश पर साफ़-सफाई जारी

मुजफ्फरपुर: जिलाधिकारी कुमार गौरव के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा छठ घाटों की साफ़-सफाई, तैयारी, सुदृढ़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। नगर आयुक्त के नेतृत्व में मुजफ्फरपुर नगर निगम; अन्य शहरी क्षेत्रों में संबंधित नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों के नेतृत्व में तथा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रखंड विकास पदाधिकारियों के नेतृत्व में घाटों की सफाई, पहुंच पथ का निर्माण सहित घाटों की सम्पूर्ण तैयारी का कार्य कराया जा रहा है।

सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के तहत भी छठ घाटों की सीढ़ियों का रंग-रोगन सहित घाटों को स्वच्छ, सुंदर एवं आकर्षक बनाने तथा छठव्रतियों और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर एवं व्यवस्थित सुविधाएं सुनिश्चित करने की कार्रवाई की जा रही है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पूर्णतः दुर्घटना-रहित (इंसिडेंट-फ्री) एवं हर तरह से प्रशासनिक सुविधा-युक्त छठ महापर्व के आयोजन हेतु सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग एवं तत्पर रहे। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप घाटों की त्रुटिहीन तैयारी करें। जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निकाय, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, जल संसाधन, विद्युत, भवन निर्माण, पथ निर्माण, पुल निर्माण, अग्निशमन सहित सभी संबंधित विभागों के जिला में पदस्थापित पदाधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित करते हुए तत्परता एवं कुशलतापूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए निर्देशित किया गया है।

श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां करने का निर्देश दिया गया है। बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों, संपर्क पथों, घाटों एवं सीढ़ियों की मरम्मत के साथ घाटों के समतलीकरण, पहुंच पथ निर्माण, पार्किंग, बैरिकेडिंग, शौचालय, चापाकल एवं यूरिनल की व्यवस्था, प्रकाश का प्रबंध सहित आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी ने छठ महापर्व के अवसर पर सम्यक तैयारी हेतु घाटों का नियमित निरीक्षण; जल संसाधन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग तथा गृह विभाग द्वारा तय मानकों के अनुरूप खतरनाक घाटों की पहचान एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। ज़िलाधिकारी ने यातायात व्यवस्था, घाटों पर आवश्यकता के अनुसार नियंत्रण कक्ष एवं वाच टावर की स्थापना, आपदा प्रबंधन, चिकित्सा व्यवस्था, ध्वनि विस्तारक यंत्र की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरा का अधिष्ठापन, विधि-व्यवस्था संधारण सहित विभिन्न बिन्दुओं पर आवश्यक निदेश दिया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि इस साल नदियों के जलस्तर में काफ़ी वृद्धि हुई थी। नया उच्चतम जल-स्तर (एचएफएल) दर्ज किया गया था। इसको देखते हुए विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को नियमित तौर पर घाटों का संयुक्त निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। साथ ही प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों एवं थानाध्यक्षों को भी घाटों का संयुक्त निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घाटों की भौगोलिक स्थिति तथा जल-स्तर में परिवर्तन की प्रवृत्ति के अनुरूप सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें। स्थानीय निवासियों से भी सुझाव लें। घाटों की भौगोलिक स्थितियों एवं जल-स्तर की बदलती स्थिति के अनुसार खतरनाक तथा अनुपयुक्त घाटों की सूची नागरिक प्रक्षेत्र (पब्लिक डोमेन) में जारी करें।

ज़िलाधिकारी ने कहा है कि छठ का त्योहार लोक आस्था का महापर्व है। बाहर रहने वाले बिहार के निवासी भी बड़ी संख्या में अपने घर आते हैं। श्रद्धालुओं एवं छठव्रतियों की सुविधा के लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सक्रिय एवं प्रतिबद्ध है। छठव्रतियों एवं श्रद्धालुओं को हर प्रशासनिक सुविधा सुनिश्चित कराना जिला प्रशासन का दायित्व है। श्रद्धालुओं एवं छठव्रतियों की सुरक्षा तथा सुविधा के लिए सभी पदाधिकारी प्रभावी कम्युनिकेशन प्लान के साथ मुस्तैद रहेंगे। छठ महापर्व के अवसर पर उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन, सुदृढ़ सुरक्षा-व्यवस्था एवं सुचारू यातायात-प्रबंधन के लिए सभी पदाधिकारी सजग, सक्रिय एवं तत्पर रहेंगे।

रूपेश कुमार की रिपोर्ट

  

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