अब सरकार निजी जमीन के अधिग्रहण पर देगी 10 फीसदी अतिरिक्त राशि
- by Manjesh Kumar
- 27-May-2026
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कैबिनेट की बैठक में बिहार रैयती भूमि क्रय नीति, 2026 पर लगी मुहर
पटना: राज्य सरकार अब किसी प्रोजेक्ट या राजकीय परियोजनाओं में अगर कोई रैयती या निजी भूमि का अधिग्रहण करती है, तो उसे मुआवजा राशि पर 10 फीसदी अतिरिक्त प्रतिफल प्रोत्साहन की राशि भी देगी। इससे संबंधित बिहार रैयती भूमि क्रय नीति, 2026 का गठन करते हुए राज्य कैबिनेट की बैठक में इस पर मुहर लगी। कैबिनेट में लिए निर्णयों की जानकारी देते हुए मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने कहा कि इस नीति के तहत जमीन के कुल मूल्य का निर्धारण क्रम की जाने वाली भूमि की दर शहरी क्षेत्र में बाजार मूल्य या सर्किल रेट (एमवीआर) (इन दोनों में जो भी अधिक हो) का दो गुणा और ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने पर बाजार मूल्य या सर्किल रेट का चार गुणा राशि दी जाएगी। इस राशि पर 10 प्रतिशत का अतिरिक्त प्रतिफल प्रोत्साहन की राशि के तौर पर दी जाएगी। क्रय की जाने वाली भूमि स्टांप या पंजीयन शुल्क से मुक्त होगी।
हालांकि वर्तमान में भी रैयती जमीन के अधिग्रहण की व्यवस्था में यह दो गुणा और चार गुणा मूल्य देने वाला नियम लागू है, लेकिन इसमें 10 फीसदी अतिरिक्त राशि देने वाला प्रावधान नया जोड़ा गया है। इससे लोगों को अतिरिक्त फायदा होगा। साथ ही विकास कार्यों के लिए जमीन मिलने में आसानी होगी। इसके अलावा कैबिनेट ने बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त (यथा संशोधित) अधिनियम, 2011 के सुसंगत प्रावधानों के तहत नगर निकायों या शहरी क्षेत्रों में भी जमीन का सर्वे शुरू किया जाएगा। इस विशेष भू-सर्वेक्षण कार्य में सुविधा तथा शीघ्रता लाने के लिए इसकी मंजूरी राज्य सरकार ने प्रदान की है। इसे संशोधित करते हुए बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त (संशोधन) नियमावली, 2026 नाम दिया गया है।
इसके अलावा पटना के पीएमसीएच में स्वतंत्र स्पाईन सब-स्पेशियलिटी यूनिट के स्थापना की मंजूरी दी गई है। इससे मरीजों को मिनिमल इन्वैसिव सर्जरी (एमआईएस), इंडोस्कोपी स्पाईन सर्जरी (दूरबीन से), स्पाईनल डिफॉरमिटी कॉरेक्शन (स्कॉलियोसिस), कूबड़ापन रोग का इलाज और ट्यूबरक्लोसिस स्पाईन सर्जरी (टीबी) का इलाज हो सकेगा। इस यूनिट की स्थापना के लिए 39 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है। बिहार स्टेट हाईवे 4 प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार ने राशि जारी की है। सड़क की इन पांच परियोजनाओं के लिए 3743 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसमें 38.87 किमी लंबे मधुबनी-राजनगर-बाबूबरही-खुटौना पथ का चौड़ीकरण, राज्य उच्च पथ संख्या-52 (सीतामढ़ी-पुपरी) 51.26 किमी लंबी सड़क का चौड़ीकरण, राज्य उच्च पथ संख्या-97 (विशनपुर-अतरबेल (एनएच-57) जाले-घोघरचट्टी (एसएच-52) 47.87 किमी लंबी सड़क का उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण, राज्य उच्च पथ संख्या-92 (गणपतगंज-परवाहा) 47.43 किमी पथ का निर्माण और ब्रहमपुर-कोरनसराय-इटाढ़ी-सरंजा-इटाढ़ी-बक्सर तथा उजियारपुर-कुकराहा-जमुआंव-इंदौर-समदा 80.72 किमी लंबे पथ का चौड़ीकरण किया जाएगा।
पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश के उपयोग के लिए 10 नए वाहनों के खरीद की स्वीकृति दी गई है। इनके लिए ईवी या हाईब्रिड वाहनों की खरीद के लिए 3 करोड़ 70 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। पूर्णिया, भागलपुर और गयाजी न्यायमंडल में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामलों की सुनवाई करने के लिए तीन विशेष न्यायालयों के गठन की अनुमति दी गई है। साथ ही एक-एक जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश के पद के सृजन की स्वीकृति दी गई है। वहीं, मधुबनी (सदर) कोर्ट में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश के एक अतिरिक्त न्यायालय तथा दरभंगा कोर्ट के अधीन बेनीपुर अनुमंडलीय न्यायालय में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश के एक कोर्ट की स्थापना के लिए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश के एक-एक पदों के सृजन की अनुमति दी गई है।


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