CBI को लेकर सम्राट सरकार ने लिया बड़ा फैसला, इन मामलों में लेनी होगी अनुमति तभी शुरू होगी जांच

पटना: बिहार की सम्राट सरकार ने सीबीआई को लेकर बड़ा फैसला लिया है जिसके संबंध में बीते गुरुवार को गृह विभाग ने अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। इसके अनुसार अब सीबीआई को राज्य सरकार के कर्मियों के विरुद्ध जांच से पहले बिहार सरकार की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसके अंतर्गत राज्य सरकार के कर्मचारी, सरकारी नियंत्रण वाली कंपनियां, निगम, बैंक और अन्य संस्थान के कर्मी शामिल होंगे। सरकार से आर्थिक मदद पाने वाले संस्थानों के मामलों में भी बिना पूर्व सहमति CBI जांच नहीं कर सकेगी। यानी अब बिहार में CBI को जांच की शक्ति देने का फैसला राज्य सरकार हर मामले में अलग से करेगी।

3 सितंबर की अधिसूचना के अनुसार बिहार सरकार के कर्मचारियों और राज्य के स्वामित्व या नियंत्रण वाली कंपनियों, निगमों, बैंकों और संस्थानों से जुड़े मामलों में सीबीआई जांच के लिए पहले राज्य सरकार की सहमति जरूरी होगी। हर मामले में सीबीआई को जांच की अनुमति देने पर बिहार सरकार अलग से फैसला करेगी। अधिसूचना के अनुसार बिहार सरकार के अधीन नियुक्त लोक सेवकों से जुड़े मामलों में सीबीआई जांच शुरू करने से पहले राज्य सरकार की मंजूरी जरूरी होगी। यह नियम केवल सरकारी कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। बिहार सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाली निगम, कंपनी, बैंक और अन्य संस्थानों से जुड़े मामलों में भी सीबीआई को जांच शुरू करने से पहले राज्य सरकार की पूर्व सहमति लेनी होगी। इसके अलावा ऐसे संस्थान जो बिहार सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त करते हैं, उनके कामकाज से जुड़े मामलों में भी यही नियम लागू होगा।


अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सीबीआई को जांच की शक्ति देने का फैसला हर मामले में अलग से लिया जाएगा। इसका मतलब है कि राज्य सरकार किसी मामले की परिस्थितियों को देखते हुए CBI जांच की अनुमति दे सकती है या नहीं भी दे सकती है। इस फैसले का असर उन मामलों पर पड़ सकता है, जिनमें बिहार सरकार के कर्मचारी, राज्य सरकार के नियंत्रण वाली संस्थाएं या सरकार से आर्थिक मदद पाने वाले संस्थान शामिल हैं। अधिसूचना में कई कानूनों के तहत आने वाले अपराधों का भी जिक्र किया गया है। इनमें भारतीय न्याय संहिता, 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 शामिल हैं। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आने वाले अपराध भी अधिसूचना के दायरे में हैं। सीबीआई केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाली प्रमुख जांच एजेंसी है। हालांकि, किसी राज्य में सीबीआई की जांच की शक्तियों को लेकर राज्य की सहमति का मुद्दा अहम होता है। बिहार सरकार की नई अधिसूचना इसी व्यवस्था को लेकर है। सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक और सियासी दोनों लिहाज से अहम माना जा रहा है। खासकर इसलिए क्योंकि अब राज्य सरकार के अधीन आने वाले मामलों में सीबीआई की जांच से पहले बिहार सरकार की मंजूरी जरूरी होगी।

  

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