शिक्षकों के बेहतर प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास के लिए 'शिक्षक प्रशिक्षण विश्वविद्यालय' की स्थापना की जाएगी: मुख्यमंत्री

पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को पटना के श्रीकृष्ण श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में देश के महान शिक्षाविद् और भारत रत्न से सम्मानित पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित शिक्षक दिवस समारोह, 2026 का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षकों के बेहतर प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास के लिए शिक्षक प्रशिक्षण विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार में प्राथमिक विद्यालय से लेकर उच्च शिक्षा, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक को मिलाकर सात लाख से अधिक शिक्षक हैं। शिक्षकों की गुणवत्ता बढ़ाने और उन्हें समय-समय पर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए अलग विश्वविद्यालय बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षकों को आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से प्रशिक्षण देने की दिशा में भी काम कर रही है। Microsoft, Google एवं Sarvam AI जैसी अग्रणी तकनीकी संस्थाओं के सहयोग से बिहार में आधुनिक AI इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा तथा शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की नवीनतम तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसको लेकर शिक्षा विभाग और गूगल के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया है। उन्होंने कहा कि बिहार के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य में BHU (Banaras Hindu University) का सेंटर स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।>

मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था को भी पूरी तरह आधुनिक और त्वरित बनाने की जरूरत है। सरकार का लक्ष्य है कि मैट्रिक परीक्षा समाप्त होने के सात दिनों के भीतर रिजल्ट जारी हो जाए। यदि किसी विद्यार्थी को अपने प्राप्तांक को लेकर आपत्ति है तो उसे 15 दिनों के अंदर निर्धारित स्लॉट में दोबारा परीक्षा देने का अवसर देने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसी प्रकार इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों का रिजल्ट 24 घंटे में जारी करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा में सुधार को लेकर हाईकोर्ट के सिटिंग जज की अध्यक्षता में कमिटी का गठन किया गया है। यह कमिटी परीक्षा में सुधार को लेकर सरकार को सुझाव देगी। सरकार उन सुझावों पर अमल करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा परिणाम में देरी से विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई और नामांकन में परेशानी होती है। इसलिए परीक्षा व्यवस्था को विकेंद्रीकृत करने और सेंटरवार रिजल्ट जारी करने पर भी विचार किया जा रहा है। विद्यालय परीक्षा समिति इस दिशा में आवश्यक सुधार करे। उन्होंने कहा कि बिहार में करीब 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को नीट और जेईई की तैयारी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। हॉस्टल में रहनेवाले विद्यार्थियों के साथ-साथ घर से आने जाने वाले विद्यार्थियों के लिए भी लाइव ऑनलाइन शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। विद्यार्थी रात 12 बजे भी ऑनलाइन शिक्षक की मदद से पढ़ाई कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के गौरवशाली शैक्षणिक इतिहास को पुनर्जीवित करने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। नालंदा विश्वविद्यालय के बाद अब विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि विक्रमशिला विश्वविद्यालय के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया 15 जुलाई को पूरी कर ली गई है और अगले एक वर्ष में इसे धरातल पर उतारने का काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में पिछले वर्षों में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। वर्ष 2004-05 में प्राथमिक विद्यालय स्तर पर ड्रॉपआउट करीब 46 प्रतिशत था, जो वर्ष 2024-25 में घटकर 2 प्रतिशत रह गया है। माध्यमिक स्तर पर ड्रॉपआउट पहले करीब 73 प्रतिशत था, जो अब घटकर 10 प्रतिशत से कम हो गया है। वहीं, उच्च माध्यमिक स्तर पर जहां करीब 83 प्रतिशत विद्यार्थी स्कूल छोड़ देते थे, अब यह दर घटकर 7 प्रतिशत से नीचे आ गया है। उन्होंने कहा कि स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों का प्रतिशत भी करीब 12 प्रतिशत से घटकर 1.7 प्रतिशत रह गया है। सरकार का प्रयास है कि शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर राज्य में ही उपलब्ध कराया जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया लगातार जारी है। बीपीएससी के माध्यम से इस बार भी 33 हजार से अधिक शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को समय पर वेतन उपलब्ध कराने के लिए पूरी व्यवस्था को एक इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया जा रहा है। मदरसा एवं संस्कृत बोर्ड के शिक्षकों के लंबित वेतन का भुगतान जारी कर दिया गया है, ताकि शिक्षकों को समय पर उनका पारिश्रमिक प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि वित्त रहित शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनके लिए अलग से वेतनमान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की धरती का गौरवशाली शैक्षणिक इतिहास रहा है। नालंदा और विक्रमशिला जैसे विश्वविद्यालयों ने दुनिया को ज्ञान का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा ने बिहार के इतिहास को समृद्ध किया है और आज भी शिक्षक समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन को दिशा देने और राष्ट्र के चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान अर्जित करने और बिहार के भविष्य को बदलने में योगदान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शिक्षक दिवस के अवसर पर बिहार की दो शिक्षिकाओं की उपलब्धियों का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने गोपालगंज की शिक्षिका पुष्पा प्रसाद और बांका की खुशबू कुमारी को राष्ट्रपति द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किए जाने पर बधाई दी। इस अवसर पर बिहार शिक्षा विभाग और गूगल के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। इस दौरान शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन ने अंगवस्त्र और पौधा भेंटकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, शिक्षा विभाग के विशेष सचिव धर्मेन्द्र कुमार, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ त्यागराजन एसएम, जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा सहित शिक्षा विभाग के पदाधिकारी, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थीगण उपस्थित थे।

  

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