ऐतिहासिक गांधी मैदान में सीएम सम्राट ने किया ध्वजारोहण, परेड की ली सलामी

पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में परेड की सलामी लेने के पश्चात् 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया। प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि 80वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर मैं सर्वप्रथम समस्त देशवासियों और बिहार की 14 करोड़ जनता को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूँ। आज हम सब 80वें स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर एकत्रित हुए हैं। आज का यह पावन दिन हमें हमारे राष्ट्र के गौरवशाली इतिहास की याद दिलाता है। यह दिन उन महान स्वतंत्रता सेनानियों और अमर वीरों के त्याग, तपस्या और बलिदान का प्रतीक है, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें आज़ादी दिलाई। मैं इस पावन अवसर पर सभी स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करता हूँ। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल हमारा अधिकार नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी भी है। आज का बिहार "सेवा, संकल्प, समर्पण" की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है। आज का पावन दिवस विकसित भारत के निर्माण में बिहार की अग्रणी भूमिका का संकल्प लेने का दिन है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी के "सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास" के संकल्प के साथ विकसित भारत एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय नीतीश कुमार जी के "न्याय के साथ विकास" के साथ समृद्ध बिहार संकल्प को आगे बढ़ाते हुए राज्य में हमलोगों ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मुझे बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में जनता की सेवा करने का अवसर मिला, तब मैंने यह संकल्प लिया था कि राज्य के हर नागरिक को एक समान अवसर मिले। प्रशासन पारदर्शी हो और हर व्यक्ति को सम्मान के साथ जीने का अवसर प्राप्त हो। इसी सोच के साथ राज्य में सहयोग शिविर की शुरुआत की गई है। यह प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुँचाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को आयोजित होने वाले इन सहयोग शिविरों के माध्यम से आम नागरिक अपनी शिकायतें और समस्याएँ सीधे प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं। जन शिकायतों के निष्पादन हेतु 30 दिनों की सख्त समय-सीमा तय की गई है। यदि कोई अधिकारी इस अवधि में लापरवाही बरतता है, तो उसके खिलाफ चरणबद्ध कार्रवाई की जाती है। इस प्रक्रिया के तहत अब तक 17 हजार 773 अधिकारियों को प्रथम स्पष्टीकरण, 860 अधिकारियों को द्वितीय स्पष्टीकरण और 48 अधिकारियों को तृतीय स्पष्टीकरण निर्गत किया जा चुका है। इस सख्त निगरानी और जवाबदेही के कारण ही राज्य में प्राप्त कुल 6 लाख 46 हजार 181 आवेदनों में से 95 प्रतिशत आवेदनों का सफल निष्पादन किया जा चुका है। इसके बाद भी यदि कुछ लोगों की समस्याओं का सही ढंग से समाधान नहीं हो पाता है, उनके लिए राज्यस्तरीय सहयोग कार्यक्रम की शुरुआत की गई है, जो प्रत्येक महीने के दूसरे मंगलवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित सहयोग कार्यक्रम हॉल में आयोजित किया जा रहा है। इसी प्रकार से हमलोगों ने प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को पंचायत विकास दिवस मनाने का फैसला लिया है। इसका उद्देश्य गांव स्तर पर विकास को गति देना एवं राज्य के विकास में ग्रामीणों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से पंचायत स्तर पर लोगों को सरकारी योजनाओं और उससे मिलने वाले लाभों के बारे में जानकारी भी मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित, शांतिपूर्ण और भयमुक्त समाज किसी भी विकसित राज्य की सबसे बड़ी पहचान होती है। बिहार में भी हमलोगों ने विकास की गति को निरंतरता प्रदान करने के लिए अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। पुलिस के आधुनिकीकरण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। आज राज्य में इमर्जेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS) परियोजना के तहत 1,833 आपातकालीन वाहनों के माध्यम से औसतन 10 मिनट के भीतर एम्बुलेंस, पुलिस, अग्निशमन, हाईवे पेट्रोलिंग, डिजास्टर रिस्पॉन्स तथा महिला एवं बाल हेल्पलाइन जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बिहार "सुरक्षित सफर सुविधा योजना" प्रारंभ करने वाला देश का तीसरा राज्य है। राज्य के सभी थाना क्षेत्रों में "अभया ब्रिगेड" का गठन किया गया है तथा अब तक 855 थानों में महिला हेल्प डेस्क स्थापित कर उन्हें 24 घंटे कार्यरत बनाया गया है। पुलिस बल को और अधिक मजबूत बनाने के लिए बड़े पैमाने पर नियुक्ति एवं प्रशिक्षण का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बहन-बेटियों की मान-सम्मान और उनकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हमने पुलिस दीदी को स्कूटी देने का निर्णय लिया है ताकि उन्हें स्कूल, कॉलेज के बाहर और सार्वजनिक स्थलों पर तैनात किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने 2026-27 के लिए 3 लाख 47 हजार 590 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश किया है। यह बजट राज्य के विकास का रोड मैप बताता है। इस बजट में आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, तकनीक और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के माह जून तक के कुल राजस्व संकलन में बिहार ने 16.75% की वृद्धि दर्ज की है। यह आंकड़ा जी०एस०टी० प्रणाली में बिहार के लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन को दर्शाता है। बिहार सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में औद्योगिक विकास के लिए कई ऐतिहासिक नीतिगत सुधार किए हैं। बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 में संशोधन और विस्तार किया गया है। इसके साथ ही बिहार सेमीकंडक्टर नीति, 2026 प्रारंभ की गई है जिसका लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक बिहार सेमीकंडक्टर निर्माण से जुड़े उद्योगों का एक प्रमुख केंद्र बने। आज बिहार में 100 से अधिक औद्योगिक क्षेत्र, लगभग 10,000 एकड़ औद्योगिक भूमि, प्लग एंड प्ले शेड्स, ड्राई पोर्ट, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स सुविधाएं तथा पूर्वी समर्पित माल गलियारे से जुड़ाव उपलब्ध है। प्रत्येक जिले में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के उद्देश्य से 14,600 एकड़ नई औद्योगिक भूमि के अधिग्रहण को स्वीकृति दी गई है। 5 लाख करोड़ रूपये का इन्वेस्टमेंट बिहार की धरती पर लाना है। हर युवा रोजगार पाने वाला ही नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बने, और बिहार देश की औद्योगिक प्रगति का अग्रणी केंद्र बनकर उभरे। राज्य के बाहर जो भी बिहारी हैं उनसे हम आह्वान करते है कि बिहार आपकी जन्मभूमि है, आपकी कर्मभूमि जहां भी हो, आप कर्मभूमि से जन्मभूमि लौटें और बिहार की समृद्धि में अपना योगदान दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में गन्ना एक प्रमुख नकदी फसल है। राज्य सरकार बिहार के गन्ना किसानों के जीवन में खुशहाली लाने हेतु 25 नई चीनी मिलों की स्थापना हेतु प्रतिबद्ध है। 10 चीनी मिलों की शुरूआत की गई है। अगले 06 महीने में 05 चीनी मिलों की शुरूआत की जायेगी। राज्य में हमारी सरकार ऊर्जा के क्षेत्र में भी निरंतर काम कर रही है। अभी तक 350 मेगावाट का खपत होता था लेकिन आज वही बढ़कर 9,475 मेगावाट बिजली की अधिकतम माँग को सफलतापूर्वक पूरा किया गया जो अब तक का सर्वाधिक है। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत 4 लाख 83 हजार बीपीएल परिवारों की छतों पर निःशुल्क रूफ टॉप सोलर लगाए जा रहे हैं तथा 2027 तक 25 लाख लोगों के घरों पर सोलर रूफ टॉप लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीबों को निर्बाध सस्ती बिजली उपलब्ध कराना है। राज्य में सभी क्षेत्र के लोगों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा मुख्यमंत्री विद्युत सहायता योजना के तहत उपभोक्ताओं को 125 यूनिट प्रति माह निःशुल्क बिजली मुहैया कराई जा रही है। इसी प्रकार से मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबद्ध योजना (फेज-11) के तहत हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुँचाने हेतु किसानों को बीते एक साल में 1 लाख 66 हजार निःशुल्क कृषि विद्युत कनेक्शन दिए गए हैं। किसानों को सुबह 06 बजे से शाम 06 बजे तक पटवन के लिए बिजली उपलब्ध करायी जा रही है। बिहार में अब 44 लाख हेक्टेयर सिंचित भूमि है। राज्य में सुनियोजित शहरी विकास को प्रोत्साहित करने के लिए हमलोगों ने 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप बसाने का निर्णय लिया है। पटना में पाटलिपुत्र, सोनपुर में हरिहरनाथपुर, गयाजी में मगध, दरभंगा में मिथिला, सहरसा में कोसी, पूर्णिया में पूरनदेवी, मुंगेर में अंग, मुजफ्फरपुर में तिरहुत, छपरा में सारण, भागलपुर में विक्रमशिला, सीतामढ़ी में सीतापुरम और रोहतास के डेहरी में सैटेलाइट सिटी की स्थापना की जाएगी। इन नगरों के सुव्यवस्थित विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, जिससे सड़क, बिजली, पेयजल एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का समुचित विस्तार सुनिश्चित किया जा सके। राज्य में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास हेतु एक लाख करोड़ रुपये के दीर्घकालिक वित्तपोषण के लिए HUDCO के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आज 05 एक्सप्रेस-वे और 06 हाई-स्पीड कॉरिडोर पर तेजी से कार्य चल रहा है। इसमें लगभग 589 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे और हाई-स्पीड कॉरिडोर शामिल हैं। इसी प्रकार से हवाई संपर्क के क्षेत्र में बिहार एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। आज राज्य में 04 हवाई अड्डे संचालित हैं, जबकि 06 से अधिक हवाई अड्डों के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। राज्य के सभी जिलों में एयरस्ट्रिप विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है तथा सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की योजना पर भी काम चल रहा है। बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए लगातार अच्छे कार्य किए जा रहे हैं। राज्य के प्रारंभिक, उच्च एवं उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने, उनके व्यक्तित्व का विकास करने, शैक्षणिक आधारभूत संरचना का विकास करने एवं अनुकूल शैक्षणिक माहौल बनाने हेतु आधुनिक तकनीक के साथ कार्य किए जा रहे हैं। राज्य के कुल बजट में से 66 हजार 676 करोड़ रुपये से ज्यादा शिक्षा पर व्यय किया जा रहा है, जो कुल बजट का लगभग 20 प्रतिशत है। राज्य सरकार द्वारा कक्षा 9वीं से 12वीं में अध्ययनरत विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समग्र शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 551 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) की स्थापना की गई है। राज्य में शिक्षा विभाग एवं बीएसईबी द्वारा बिहार स्कूल लाइव क्लासेज और ऑनलाइन कोचिंग की शुरुआत की गई है, जिससे लाखों छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिल रही है। राज्य में उच्च शिक्षा सुदूर गांव तक पहुंचाने के संकल्प के साथ हमलोगों ने राज्य के सभी प्रखंडों में डिग्री स्तर तक की पढ़ाई की शुरुआत की है। 15 जुलाई से राज्य के बचे हुए 211 प्रखंडों में एक साथ डिग्री कॉलेज का शुभारंभ किया गया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राएं खासकर हमारी बेटियां अब अपने घर के पास ही उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। इन 211 डिग्री कॉलेजों में पठन-पाठन को सुचारू बनाने के लिए 2 हजार 451 शिक्षकों की नियुक्ति एवं पदस्थापन किया गया है। साथ ही सरकार राज्य के अन्य महाविद्यालयों में भी रिक्त शिक्षक पदों को भरने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के प्रयासों से प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय को आधुनिक रूप में स्थापित किया जा चुका है और अब विक्रमशिला विश्वविद्यालय को भी उसका पुराना गौरव वापस दिलाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। भागलपुर के कहलगांव में विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार के लिए 220 एकड़ भूमि मुहैया कराई गई है। इसके अलावा राज्य में विशिष्ट विषयों की पढ़ाई के लिए भी अलग से विश्वविद्यालय खोले जाने का प्रस्ताव है। परीक्षाओं में विद्यार्थियों का विश्वास सर्वोपरि है। बिहार में परीक्षाओं को सुचारु, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं आधुनिक बनाने के लिए राज्य स्तरीय परीक्षा सुधार समिति का गठन किया जायेगा। शिक्षा की गुणवत्ता को और सुदृढ़ करने के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जायेगा। राज्य में स्थापित 551 सरस्वती विद्या निकेतनों में IIT-JEE, NEET सहित विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों की प्रवेश परीक्षाओं हेतु निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की जा रही है। हमारी सरकार शिकायत निवारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और आगे भी इस दिशा में विद्यार्थियों की शिकायतों के त्वरित निवारण हेतु 17 अगस्त से विद्यार्थी सहयोग पोर्टल का शुभारंभ कर आवेदन प्राप्त किये जायेंगे, जो हमारे सहयोग पोर्टल की सफल व्यवस्था को छात्रों तक विस्तारित करेगा और बच्चों से जुड़ी शिकायतों का निवारण 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित करेगा। साथ ही छात्रों के कल्याण से जुड़े कार्यों के बेहतर समन्वय एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छात्रों से संबंधित सभी विभागों में छात्र कल्याण निदेशालय का गठन किया जाएगा। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर परीक्षा व्यवस्था एवं छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए बिहार सरकार प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित बिहार की सबसे बड़ी शक्ति हैं। इसी सोच के साथ हमारी सरकार राज्य के प्रत्येक नागरिक को सुलभ और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बीते वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार एवं विस्तार हुआ है। राज्य में "सुलभ स्वास्थ्य-सुरक्षित जीवन के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रखंड स्तर के 30 बेड वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को स्पेशियलिटी हॉस्पिटल तथा जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य तेजी से किया जा रहा है। दवा आपूर्ति एवं वितरण की पारदर्शी व्यवस्था के क्षेत्र में भी बिहार ने लगातार 22 माह से राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी स्थान बनाए रखा है। मरीजों को उनके घर के निकट ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हों, इसके लिए रेफरल व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है तथा अनावश्यक रेफरल को रोकने के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार ने सरकारी पदाधिकारियों, कर्मियों, सेवानिवृत्त पेंशनधारियों एवं पारिवारिक पेंशनरों के लिए "बिहार सरकार स्वास्थ्य योजना (BGHS)" के अंतर्गत कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की स्वीकृति दी है। आयुष्मान कार्ड में इलाज के लिए 5 लाख रूपये की सहायता दी जा रही है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में हम मरीजों को सम्मान के साथ इलाज सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध हैं। मरीजों को उनके घर के निकट ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हों, इसके लिए रेफरल व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। हमने निर्णय लिया है कि 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को उनके घर पर ही चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। जिला अस्पतालों में लगभग 36 प्रकार की सर्जरी की सुविधा सुनिश्चित की जायेगी तथा जिला अस्पतालों में आज के बाद से अनावश्यक रेफरल नहीं किया जायेगा। आगामी 3 महीनों में प्रखंड स्तर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भी अनावश्यक रेफरल की समस्या को समाप्त किया जाएगा। निजी अस्पतालों को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे एक ओर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और दूसरी ओर स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुलभ होंगी। पैरामेडिकल, फार्मेसी एवं नर्सिंग क्षेत्र के प्रशिक्षण संस्थानों को भी सुदृढ़ किया जाएगा। साथ ही, विदेशों में रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाने हेतु लैंग्वेज क्लासेज को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि हमारे युवा वैश्विक स्तर पर भी अवसर प्राप्त कर सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान हमारे प्रदेश की रीढ़ हैं और उनकी समृद्धि ही राज्य और देश की प्रगति का आधार है। राज्य में "हर खेत तक सिंचाई का पानी" उपलब्ध कराने, बाढ़ प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने तथा जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही, आधुनिक तकनीक के माध्यम से सिंचाई क्षमता का विस्तार किया जा रहा है ताकि किसानों को समय पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकें। राज्य के 30 हजार भूमिहीन परिवारों को बिहार सरकार बासगीत पर्चा उपलब्ध करा रही है। राज्य की महत्वाकांक्षी कोसी-मेची लिंक परियोजना पर लगभग 6 हजार 282 करोड़ रुपये की लागत से कार्य प्रगति पर है। सिंचाई एवं बाढ़ प्रबंधन से संबंधित 9 हजार 753 करोड़ रुपये की 46 योजनाओं में से 11 योजनाएँ पूर्ण हो चुकी हैं तथा 32 योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त कमरगंज पंप सिंचाई योजना, बरनार जलाशय परियोजना, गंगा जल आपूर्ति योजना (द्वितीय चरण), दुर्गावती एवं सोन नदी आधारित पेयजल परियोजनाओं सहित अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं का कार्य तेजी से चल रहा है। आगे सोन नदी एवं फल्गू नदी को जोड़ने हेतु भी कार्ययोजना तैयार की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। हम बिहार की प्राकृ तिक, आध्यात्मिक, धार्मिक, ऐतिहासिक और बौद्धिक विरासत को पर्यटन के माध्यम से देश और दुनिया के सामने नए स्वरूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं। राज्य के पर्यटन क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं के विकास और पर्यटकीय सुविधाओं के विस्तार को लेकर हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है। राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना शुरू की गयी है। इसके प्रथम चरण में बगहा के बाल्मीकिनगर, कैमूर के मुंडेश्वरी धाम और राजगीर के लिए हेली टूरिज्म सेवा तथा पटना में हेलीकॉप्टर जॉय राइड सेवा संचालित की जा रही है। पटना जिले के मोकामा में 10 एकड़ में तिरूपति बालाजी ट्रस्ट के द्वारा तिरूपति बालाजी मंदिर का निर्माण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक एक करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। युवाओं के समग्र विकास हेतु हमने निर्णय लिया है कि बिहार युवा नीति बनायी जायेगी और उसकी निगरानी स्टेट यूथ कमिशन करेगा। बिहार की समृद्ध एवं आध्यात्मिक विरासत-नालंदा, बोधगया, विक्रमशिला, राजगीर और वैशाली को युवा उद्यमिता, हेरिटेज गाइड, कल्चरल टूरिज्म स्टार्टअप्स से जोड़ते हुए युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आइए, हम सब मिलकर एक नया संकल्प लें। हम ऐसा बिहार बनाएं जो न केवल अपने गौरवशाली इतिहास पर गर्व करे, बल्कि अपने वर्तमान के परिश्रम और भविष्य की संभावनाओं से पूरे देश को नई दिशा दें। मुझे विश्वास है कि 14 करोड़ बिहारवासियों की ऊर्जा, किसानों एवं उद्यमियों की मेहनत, माताओं-बहनों के संकल्प से भारत भी विकसित देश होगा और बिहार भी समृद्ध प्रदेश होगा। इसी विश्वास, इसी संकल्प और इसी ऊर्जा के साथ मैं आप सभी को पुनः 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।

  

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