बिहार में शिक्षा व्यवस्था का ध्वस्त हो जाना नीतीश कुमार के कार्यकाल को सबसे बड़ा काला अध्याय : प्रशांत किशोर

Reporter/Rupesh Kumar


मुज़फ़्फ़रपुर : रूपौली के ग्रामीणों को जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने वोट की ताकत, गरीबी, रोज़गार की अहमियत के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षकों की गुणवत्ता शिक्षा व्यवस्था का ध्वस्त होने का सबसे बड़ा कारण है, मेरा मानना है कि यह पूरे तरीके से सच नहीं है। शिक्षा व्यवस्था का बिहार में खराब होने का सबसे बड़ा कारण है सरकार की उदासीनता और शिक्षा को लेकर सरकार की गलत नीति है। समतामूलक शिक्षा व्यवस्था बनाने के चक्कर में सरकार ने हर गांव में स्कूल बनाने की योजना बना दी। इस बात की बिना चिंता किए कि सरकार के पास स्कूल चलाने के लिए संसाधन है या नहीं। आज समाज में स्कूलों के लिए अवधारणा बन गई है कि स्कूल खिचड़ी बांटने के सेंटर है, इससे ज्यादा कुछ नहीं। बिहार में शिक्षा व्यवस्था के लिए मैं यही कहूंगा कि स्कूलों में खिचड़ी बंट रही है, और कॉलेजों से डिग्री बंट रही है, पढ़ाई दोनों में से कहीं नहीं हो रही है। मुझे ऐसा लगता है कि जब बिहार का इतिहास लिखा जाएगा तब नीतीश कुमार की शिक्षा व्यवस्था के कार्यकाल को सबसे बड़ा काला अध्याय माना जाएगा।


बता दें कि शनिवार को प्रशांत किशोर ने पारो के रघुनाथपुर गांव से यात्रा शुरू कर मलाही, खरहनिया खास, बसंतपुर होते हुए सरैया प्रखंड के जैतपुर में रात्रि विश्राम किया। इस दौरान कुल 11.4 किलोमीटर तक चले।

  

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