किसान निबंधन और ई-केवाईसी में लापरवाही पर सख्त जिलाधिकारी : पहले दिन 5650 किसानों का निबंधन...
- by Raushan Pratyek Media
- 08-Jan-2026
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मुजफ्फरपुर : किसानों के हित में किसान निबंधन एवं ई-केवाईसी को अत्यंत आवश्यक बताते हुए जिलाधिकारी ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा है। किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने, उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा लाभ वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जिले में दो दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अंचल अधिकारी, राजस्व अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रखंड कृषि पदाधिकारी के साथ कार्य की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसान निबंधन एवं ई-केवाईसी सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है, जिससे किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, फसल सहायता योजना, कृषि यंत्रीकरण अनुदान, बीज एवं उर्वरक सब्सिडी सहित अनेक लाभ सीधे प्राप्त होते हैं। ऐसे में इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
पहले दिन 5650 निबंधन, लक्ष्य की दिशा में प्रयास....
विशेष अभियान के पहले दिन जिले में कुल 5650 किसानों का निबंधन किया गया. जिलाधिकारी ने इस उपलब्धि की समीक्षा करते हुए कहा कि यह संतोषजनक शुरुआत है, लेकिन अभी लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को और अधिक सक्रियता, तत्परता एवं समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक पंचायत, गांव एवं टोले तक पहुंचकर पात्र किसानों का निबंधन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे.
खराब प्रदर्शन पर सख्त रुख, वेतन स्थगन का निर्देश....
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने खराब प्रदर्शन करने वाले कृषि समन्वयक एवं किसान सलाहकारों पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने लो परफॉर्मिंग कृषि समन्वयक एवं किसान सलाहकारों का वेतन स्थगित करने तथा उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया। साथ ही यह भी पूछा गया कि सरकारी कार्य के प्रति उदासीनता एवं लापरवाही को देखते हुए उन्हें सेवामुक्त क्यों न कर दिया जाए।
उल्लेखनीय है कि जिले में कुल 135 कृषि समन्वयक एवं 280 किसान सलाहकार कार्यरत हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी की जवाबदेही तय की जाएगी और केवल वही कर्मी कार्यरत रहेंगे जो अपने दायित्वों का ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगे।
अंचल अधिकारियों से भी स्पष्टीकरण....!
खराब प्रदर्शन करने वाले अंचलाधिकारी मरवन, साहेबगंज एवं मुरौल से स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश अपर समाहर्ता (राजस्व) को दिया गया। वहीं न्यून प्रदर्शन करने वाले सभी अंचल अधिकारी, राजस्व अधिकारी एवं संबंधित कर्मियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा गया कि वे पूरी गंभीरता से कार्य पर फोकस करें और निर्धारित लक्ष्य को समय पर प्राप्त करें।
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अंचलाधिकारी बंदरा को भी आज के न्यून प्रदर्शन के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए तत्काल सुधार लाने का निर्देश दिया गया।
प्रखंडों के वरीय अधिकारियों के स्तर पर हुई निगरानी..!
जिलाधिकारी के निर्देश पर आज सभी प्रखंडों के वरीय पदाधिकारियों द्वारा अपने-अपने प्रखंडों में भ्रमण किया गया। उन्होंने मौके पर जाकर किसान निबंधन एवं ई-केवाईसी की स्थिति का जायजा लिया तथा किसानों से संवाद कर आ रही समस्याओं को जाना। इसके पश्चात सभी वरीय पदाधिकारियों द्वारा जिलाधिकारी को रिपोर्ट समर्पित की गई, जिसके आधार पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि कल पुनः सभी प्रखंडों के वरीय पदाधिकारी अपने-अपने प्रखंडों में जाएंगे और अभियान को और तेज गति देंगे, ताकि अधिक से अधिक किसानों का निबंधन सुनिश्चित किया जा सके।
9 जनवरी को होगी पुन: समीक्षा, 70% से कम उपलब्धि पर कार्रवाई...
जिलाधिकारी ने बताया कि 9 जनवरी को विशेष अभियान की समाप्ति के उपरांत सभी वरीय पदाधिकारी अपनी-अपनी रिपोर्ट जिला पदाधिकारी को समर्पित करेंगे। इसके आधार पर उसी दिन अपराह्न 5:00 बजे अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, राजस्व अधिकारी एवं प्रखंड कृषि पदाधिकारी के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की जाएगी.
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि इस अभियान में 70 प्रतिशत से कम उपलब्धि प्राप्त करने वाले अंचल अधिकारी एवं कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी. इसका उद्देश्य बल्कि कार्य संस्कृति में सुधार लाना और किसानों को समय पर लाभ दिलाना है.
किसान निबंधन से होने वाले प्रमुख लाभ....!
जिलाधिकारी ने किसानों से भी अपील की कि वे स्वयं आगे आकर अपना निबंधन एवं ई-केवाईसी अवश्य कराएं। किसान निबंधन से किसानों को कई महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त होते हैं, जिनमें प्रमुख हैं—
-सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ
-प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना
-फसल सहायता योजना
-कृषि यंत्रीकरण पर अनुदान
-बीज, उर्वरक एवं सिंचाई योजनाओं का लाभ
-प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में नामांकन
-प्राकृतिक आपदा जैसे सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि आदि में क्षतिपूर्ति
-प्रमाणित बीज रियायती दर पर
-उर्वरक की उपलब्धता में प्राथमिकता
-कृषि ऋण एवं केसीसी (KCC) में सुविधा
-आसान कृषि ऋण एवं ब्याज अनुदान
-फसल क्षति पर त्वरित राहत एवं मुआवजा
-सरकारी सर्वेक्षणों में पंजीकृत किसानों को प्राथमिकता
ई-केवाईसी से पारदर्शिता और सुरक्षा...
ई-केवाईसी के महत्व को रेखांकित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। ई-केवाईसी से—
-फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगती है
-सही किसान को सही लाभ मिलता है
-लाभ की राशि सीधे बैंक खाते में जाती है
-DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भुगतान होता है
-भुगतान में होने वाली देरी की समस्या कम होती है
किसानों से अपील....-
जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे समय रहते अपना किसान निबंधन एवं ई-केवाईसी अवश्य पूर्ण करा लें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन किसानों के हित में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है और यह अभियान किसानों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
मुजफ्फरपुर से रूपेश कुमार की रिपोर्ट....!


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