जिलाधिकारी ने दुर्गा पूजा के अवसर पर सुरक्षा-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जारी किया सख्त निर्देश

मुजफ्फरपुर: जिलाधिकारी कुमार गौरव द्वारा दुर्गा पूजा के दौरान आयोजन स्थलों, पंडालों, मेलों एवं अन्य भीड़-भाड़ वाले स्थानों सहित सभी सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा-व्यवस्था एवं सतर्कता बरतने हेतु व्यापक दिशा-निर्देश जारी किया गया है। उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, विद्युत कार्यपालक अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, थानाध्यक्ष सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है।

जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्व की बैठक में अनुमंडलवार एवं अंचलवार वृहद समीक्षा की गई थी। इन बैठकों में भी आप सभी को इन निर्देशों से अवगत कराया गया था। आप सभी इसका अनुपालन करें। उन्होंने कहा कि बैठक में विभिन्न पूजा आयोजन समितियों को जन सुरक्षा के मापदंडों, सरकार के आदेशों, यातायात प्रबन्धन सहित सभी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई थी तथा अनुपालन करने का निर्देश दिया गया था। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक आयोजनों के दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जन सुरक्षा से कोई भी खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा जनहित में नियमित तौर पर एडवाइजरी जारी की जा रही है। आम जनता से अपील है कि कृपया इसका अनुपालन करें।

अधिकारियों को जारी प्रमुख निर्देश

सभी पूजा पंडालों, अस्थायी प्रवेश द्वारों, मंचों एवं अन्य संरचनाओं की स्थिरता तथा सुरक्षा की जांच आयोजकों एवं सक्षम तकनीकी पदाधिकारियों के समन्वय से कराएँ। पंडालों का प्रवेश एवं निकास मार्ग किसी भी स्थिति में अवरुद्ध नहीं रहनी चाहिए। भगदड़ की स्थिति से बचने हेतु यह अनिवार्य है। आपदा प्रबंधन विभाग के गाईडलाईन के अनुसार पूजा पंडालों का निर्माण एवं संचालन सुनिश्चित करें। पूजा स्थलों पर महिलाओं एवं पुरूषों के लिए अलग-अलग पंक्ति रहनी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को भी कोई समस्या न हो तथा भीड़ प्रबंधन एवं विधि-व्यवस्था संधारण भी सुगमता से किया जा सके।

विद्युत तारों, अस्थायी वायरिंग, जेनरेटर, अग्निशमन उपकरणों इत्यादि की जांच करा ली जाए ताकि शॉर्ट-सर्किट या अन्य कारणों से आग लगने की घटना न हो। आयोजक विद्युत सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। सभी मंदिरों, पूजा पंडालों, मेलों एवं अधिक भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर सभी प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं बलों की उपस्थिति की निगरानी करें। समय-समय पर जांच करें, ताकि किसी प्रकार की विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो. सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दण्डाधिकारियों तथा पुलिस पदाधिकारियों की स्पॉट ब्रीफिंग करें। यह सुनिश्चित करें कि प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी तथा पुलिस पदाधिकारी भीड़ प्रबंधन के मानकों का दृढ़ता के साथ परन्तु विनम्रतापूर्वक अनुपालन करें। गश्ती दल द्वारा रेगुलर पेट्रोलिंग की जाए। नियंत्रण कक्ष से भीड़ पर निगरानी रखी जाए। सीसीटीवी कैमरा एवं वीडियोग्राफी के माध्यम से अनुश्रवण किया जाए। मेडिकल कैम्प एवं ‘मे आई हेल्प यू’ काउण्टर क्रियाशील रखें। यथेष्ट प्रशासनिक सतर्कता, यथोचित निगरानी तथा सुरक्षामूलक कार्रवाई करें।

भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करें। यातायात व्यवस्था के लिए प्रतिनियुक्त बल ट्रैफिक प्रबंधन एवं यातायात का परिचालन सुचारू रूप से संचालित करेंगे। प्रमुख पूजा पंडालों एवं अधिक भीड़-भाड़ वाले स्थानों के निकट एम्बुलेंस एवं अग्निशमन सहायता की उपलब्धता सुनिश्चित रखें। जिला एवं अनुमंडलों में गठित किये गये QRT (क्विक रिस्पांस टीम) को भ्रमणशील रखते हुए आवश्यकतानुसार शालीनतापूर्वक यथोचित कार्रवाई की जाए।  संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतें तथा असामाजिक तत्वों के विरूद्ध निरोधात्मक एवं दण्डात्मक कार्रवाई करें। विधि-व्यवस्था से संबंधित किसी भी समस्या पर वरीय अधिकारियों को सूचित करें तथा नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।  अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के विरूद्ध सुसंगत धाराओं के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि नवरात्र, दुर्गा पूजा, पूजा-पंडालों, मंदिरों, मेलों, जुलूसों एवं अन्य सार्वजनिक आयोजनों के दौरान किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित पदाधिकारी आपसी समन्वय बनाकर विधि-व्यवस्था संधारण करना सुनिश्चित करेंगे।

  

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