डीएम ने कहा - सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं, बेनीबाद थाना में....
- by Raushan Pratyek Media
- 15-Mar-2026
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मुजफ्फरपुर : सरकारी योजनाओं के तहत विद्यालयों में वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न की कालाबाजारी के विरुद्ध जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई की है। इस संबंध में चार व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए बेनीबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। डोर स्टेप डिलीवरी (डीएसडी) परिवहन अभिकर्ता अशोक इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर अशोक कुमार तथा वाहन चालक धर्मेंद्र कुमार, मजदूर संजीव कुमार राजा कुमार के विरुद्ध सरकारी अनुमोदित खाद्यान्न को कालाबाजारी के उद्देश्य से विचलित करने के आरोप में बेनीबाद थाना में कांड संख्या 43/26, दिनांक 14 मार्च 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई है.
कालाबाजारी के मामले की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने त्वरित कार्रवाई की तथा डीएम एसएफसी को मामले की जांच कर दोषी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। तत्पश्चात जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम द्वारा मामले की जांच कर सभी तथ्यों के साथ बेनीबाद थानाध्यक्ष को आवेदन देते हुए चार अभियुक्त के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया. इसके उपरांत बेनीबाद थाने में कांड संख्या 43/26 दिनांक 14 मार्च 2026 दर्ज किया गया.
इस संबंध में डीएम एसएफसी ने उल्लेख किया है कि टीपीडीएस गोदाम गायघाट से मध्याह्न भोजन योजना के अंतर्गत प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में वितरण हेतु 35.50 क्विंटल चावल निर्धारित वाहन से भेजा गया था। उक्त वाहन पर चालक के साथ दो मजदूर भी सवार थे और इस खाद्यान्न को प्रखंड के सात विद्यालयों तक पहुंचाने के लिए कुल सात चालान निर्गत किए गए थे.
प्राप्त जानकारी के अनुसार निर्धारित वाहन संख्या BR06GA3843 द्वारा खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा था। जांच के दौरान पाया गया कि सात विद्यालयों के लिए निर्गत खाद्यान्न में से केवल चार विद्यालयों तक ही चावल पहुंचाया गया। शेष विद्यालयों तक खाद्यान्न नहीं पहुंचने की शिकायत मिली। जांच में पाया गया कि वाहन पर कुल 50 बैग चावल मौजूद था। जबकि ऑनलाइन ट्रैकिंग रिपोर्ट के अनुसार चार विद्यालयों में ही खाद्यान्न का वितरण किया गया जिसमें मध्य विद्यालय शिवदाहा में 9 क्विंटल, प्राथमिक विद्यालय शिवदाहा अनुसूचित जाति में 1 क्विंटल, प्राथमिक विद्यालय मुस्लिम में 4.5 क्विंटल तथा प्राथमिक विद्यालय बरूआरी में 0.5 क्विंटल चावल का वितरण किया गया । अर्थात कुल चार विद्यालयों में 15 क्विंटल( 30 बैग) चावल वितरित किए जाने की पुष्टि हुई.
जबकि गोदाम से वाहन पर कुल 35.50 क्विंटल यानी 71 बैग चावल सातों विद्यालयों में वितरण के लिए लोड किया गया था। यदि चार विद्यालयों में 15 क्विंटल (30 बैग) चावल वितरित किया जा चुका था, तो वाहन पर शेष 20.5 क्विंटल यानी 41 बैग चावल होना चाहिए था। किंतु जांच के दौरान वाहन पर 50 बैग चावल पाया गया, जो निर्धारित मात्रा से 9 बैग अधिक था.
जांच में यह स्पष्ट पाया गया कि निर्धारित विद्यालयों में वितरण के बजाय खाद्यान्न को कहीं और विचलित कर कालाबाजारी करने का प्रयास किया जा रहा था। इसी आधार पर डोर स्टेप डिलीवरी परिवहन अभिकर्ता अशोक इंटरप्राइजेज के प्रो. अशोक कुमार तथा वाहन चालक धर्मेंद्र कुमार, मजदूर संजीव कुमार एवं राजा कुमार के विरुद्ध सरकारी अनुमोदित खाद्यान्न को कालाबाजारी के उद्देश्य से विचलित करने के आरोप में भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.
जिलाधिकारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिया है कि सरकारी योजनाओं के तहत खाद्यान्न के उठाव, परिवहन और वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी तथा पश्चिमी को निर्देश दिया है कि सभी टीपीडीएस गोदामों से विद्यालयों एवं अन्य लाभार्थी संस्थानों तक खाद्यान्न की आपूर्ति की नियमित निगरानी की जाए तथा ऑनलाइन ट्रैकिंग प्रणाली का प्रभावी उपयोग किया जाए.
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि मध्याह्न भोजन योजना तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न का एक-एक दाना गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए है। इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या कालाबाजारी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति या संस्था सरकारी खाद्यान्न के दुरुपयोग या कालाबाजारी में संलिप्त पाया जायेगा तो उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने आपूर्ति कार्य से जुड़े हुए जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक के तमाम अधिकारियों तथा विद्यालय प्रबंधन समिति को आगाह करते हुए निर्देश दिया है कि खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया पर सतत निगरानी रखी जाये। विद्यालयों में खाद्यान्न प्राप्ति और उपयोग से संबंधित अभिलेखों को नियमित रूप से अद्यतन रखने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करने का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी ने परिवहन प्रणाली, वितरण व्यवस्था तथा निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने तथा आवश्यकतानुसार औचक निरीक्षण, भौतिक सत्यापन और ऑनलाइन मॉनिटरिंग के माध्यम से खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने को कहा है.
मुजफ्फरपुर से रूपेश कुमार की रिपोर्ट...


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