18 सितंबर को पटना में जुटेंगे जदयू के सभी विधायक और विधान पार्षद, जानिए एक दिन में क्या होगा...

18 सितंबर को जदयू विधायकों एवं विधान पार्षदों का एक दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम। विधायी जिम्मेदारियों, कानून निर्माण, बजट एवं बिहार की अर्थव्यवस्था समेत पांच महत्वपूर्ण विषयों पर होगा गहन मंथन

पटना: जदयू प्रदेश कार्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने एक अति महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने 18 सितंबर को पार्टी द्वारा आयोजित एक दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम के संबंध में मीडिया को महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तर के लिए एक अलग सत्र का भी आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता दल (यूनाईटेड) द्वारा आगामी 18 सितंबर को प्रदेश कार्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में पार्टी के विधायकों एवं विधान पार्षदों के लिए एक दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विधानसभा एवं विधान परिषद में पार्टी के जनप्रतिनिधियों की विधायी भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाना तथा राज्यहित एवं जनकल्याण से जुड़े विषयों पर सदन में सार्थक और तथ्यपरक विचार-विमर्श को मजबूत करना है।

ओरिएंटेशन प्रोग्राम का उद्घाटन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार करेंगे। कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, पार्टी प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार सहित सभी मंत्रीगण एवं पार्टी विधानमंडल दल के सभी सदस्यगण उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में ‘पीआरएस लेजिसलेटिव रिसर्च’ संस्था के विशेषज्ञ विधायकों एवं विधान पार्षदों को उनकी विधायी जिम्मेदारियों, सदन की कार्यप्रणाली तथा नीति एवं कानून निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी देंगे। ‘पीआरएस लेजिसलेटिव रिसर्च’ भारत में संसद एवं विधानमंडलों से संबंधित गैर-पक्षपातपूर्ण शोध और विधायी सहायता उपलब्ध कराने वाली संस्था है। विभिन्न राज्यों के सांसद एवं विधायक विधायी और नीतिगत विषयों पर शोध एवं जानकारी के लिए पीआरएस की सेवाओं का उपयोग करते हैं।

जिन पांच महत्वपूर्ण विषयों पर होगा संवादः-

एक दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम के दौरान पांच प्रमुख विषयों पर विशेषज्ञों के साथ संवाद एवं मंथन किया जाएगा-

  1. विधायी जिम्मेदारियां एवं समितियां
  2. कानून निर्माण की प्रक्रिया को समझना
  3. भारत में हालिया विधायी घटनाक्रम
  4. राज्य के बजट को समझना
  5. बिहार की अर्थव्यवस्था एवं राज्य का वित्त

इन विषयों के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को सदन में प्रभावी भागीदारी, विधायी प्रक्रियाओं की बेहतर समझ तथा बजट, कानून और नीतिगत विषयों पर तथ्यपरक ढंग से अपनी बात रखने में सहयोग मिलेगा। जनता दल (यूनाईटेड) का मानना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों की भूमिका केवल सदन की कार्यवाही में भाग लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें कानून निर्माण, नीतिगत विमर्श, बजट की समीक्षा और जनता से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से सदन में उठाने की जिम्मेदारी भी निभानी होती है। इसी सोच के तहत पार्टी समय-समय पर अपने जनप्रतिनिधियों की कार्यक्षमता और विधायी समझ को मजबूत करने वाले कार्यक्रमों का आयोजन करती रही है। उन्होंने कहा कि राज्यहित और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जनप्रतिनिधियों को अधिक जवाबदेह, सक्षम और प्रभावी बनाना इस ओरिएंटेशन प्रोग्राम का प्रमुख उद्देश्य है।

वहीं, उन्होंने आगे कहा कि एक तरफ राज्य का मुख्य विपक्षी दल है जो अपनी हुड़दंग शैली और बहुचर्चित तेल पिलावन रैली आयोजित करने वाली पार्टी के तौर पर जाना जाता है। वहीं दूसरी तरफ जद (यू) है जो हमेशा जन सरोकार के मुद्दों को लेकर चलती रही और उसी का परिणाम है कि आज वो अपने विधायकों एवं विधानपार्षदों के लिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम जैसे कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इससे दो राजनीतिक संस्कृतियों के बीच का अंतर स्पष्ट रुप से देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि उस दौर के शासन की कार्यशैली बिहार के विकास और राज्य की छवि के संदर्भ में गंभीर सवाल खड़े करती है। इसके विपरीत जद (यू) अपने जनप्रतिनिधियों की विधायी क्षमता बढ़ाने और उन्हें जनता एवं राज्य के प्रति अधिक जवाबदेह बनाने के लिए प्रशिक्षण एवं ओरिएंटेशन जैसे कार्यक्रमों को महत्व देती है। उन्होंने कहा कि जद (यू) का यह ओरिएंटेशन प्रोग्राम इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसके माध्यम से पार्टी के विधायक एवं विधान पार्षद विधायी प्रक्रियाओं की बेहतर समझ के साथ राज्यहित और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर सदन में अधिक प्रभावी एवं जिम्मेदार भूमिका निभा सकें।

  

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