बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने को प्राथमिक विद्यालय बैसागोबिंदपुर ने शुरू की अनूठी पहल

मेधावी छात्रों की बनेंगी ‘शिक्षा दीपक टोलियाँ’, घर-घर पहुँचाएंगी शिक्षा और नियमित विद्यालय आने का संदेश

कटिहार: प्राथमिक विद्यालय बैसागोबिंदपुर, बरारी में बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और उन्हें विद्यालय से लगातार जोड़े रखने के उद्देश्य से विद्यालय के प्रधान शिक्षक बिपिन कुमार चौधरी के द्वारा एक अभिनव पहल शुरू किया गया है। विद्यालय की ओर से मेधावी छात्र-छात्राओं की ‘शिक्षा दीपक टोली’ गठित कर उन्हें अपने-अपने क्षेत्र में शैक्षणिक जागरूकता के लिए भेजा जा रहा है। विद्यालय प्रधान के योजना के अनुसार प्रत्येक टोली में संबंधित क्षेत्र के 5 से 10 मेधावी छात्र-छात्राओं को शामिल किया किया गया है। प्रत्येक टोली का मार्गदर्शन एवं संयोजन की जिम्मेदारी एक शिक्षक को दी गई है। ये टोलियां क्षेत्र भ्रमण के दौरान बच्चों एवं अभिभावकों से संवाद कर नियमित विद्यालय आने, शिक्षा के महत्व और बच्चों को विद्यालय से जोड़े रखने का संदेश देंगी। विद्यालय में कुल आठ ‘शिक्षा दीपक टोलियों’ का गठन किया गया है।>

विद्यालय ने महान भारतीय व्यक्तित्वों के नाम पर आठ टोलियाँ गठित की हैं 

  • डॉ एपीजे अब्दुल कलाम शिक्षा दीपक टोली — मो मोजीबुर रहमान
  • मौलाना अबुल कलाम आज़ाद शिक्षा दीपक टोली — सितारा प्रवीण
  • डॉ ज़ाकिर हुसैन शिक्षा दीपक टोली — मो नजरुल हक
  • उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ाँ शिक्षा दीपक टोली — तजकेरा खातून
  • महात्मा गांधी शिक्षा दीपक टोली — मंजू कुमारी
  • डॉ भीमराव आंबेडकर शिक्षा दीपक टोली — नूरकेश खातून
  • सुभाष चंद्र बोस शिक्षा दीपक टोली — रंजु कुमारी
  • डॉ राजेंद्र प्रसाद शिक्षा दीपक टोली — अरविंद कुमार
लक्ष्य—कोई बच्चा विद्यालय से न छूटे

विद्यालय परिवार का मानना है कि नियमित उपस्थिति ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहली सीढ़ी है। इस अभियान के माध्यम से विद्यालय बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों और समुदाय को भी शिक्षा के प्रति जागरूक करेगा।

इस पहल का मूल संदेश है—

“हर बच्चा स्कूल में, हर दिन स्कूल में—शिक्षा का दीप जले हर घर में।”

विद्यालय के प्रधान शिक्षक बिपिन कुमार चौधरी ने कहा कि बच्चों को केवल विद्यालय तक बुलाना ही नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा से लगातार जोड़कर रखना पूरे विद्यालय परिवार और समाज की साझा जिम्मेदारी है। मेधावी बच्चों को इस अभियान का हिस्सा बनाने से उनमें नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होगी। प्राथमिक विद्यालय बैसागोबिंदपुर, बरारी की यह पहल शिक्षा, समुदाय और बच्चों के बीच एक मजबूत सेतु बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

विद्यालय का संकल्प

“कोई बच्चा न छूटे — हर बच्चा पढ़े और आगे बढ़े।”

  

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