राष्ट्रीय शिक्षा नीति में नवाचार के साथ छात्रों को मानसिक रूप से बनाया जा रहा मजबूत
- by Manjesh Kumar
- 11-Aug-2026
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पूर्णिया: पूर्णिया विश्वविद्यालय में बिहार सरकार के दिशा निर्देश के आलोक में अखिल भारतीय शिक्षा समागम के तहत कार्यशाला एवं सेमिनार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का आयोजन किया गया। हिंदी विभाग इतिहास विभाग एवं गणित विभाग में कार्यशाला एवं सेमिनार का आयोजन किया गया। गणित विभाग के डॉक्टर गोपाल कुमार, डॉक्टर उदय नारायण सिंह, डॉक्टर नवनीत कुमार, इतिहास विभाग के प्रोफेसर अरविंद कुमार वर्मा, डॉक्टर हरेंद्र कुमार सिंह, प्रोफेसर प्रीति कुमारी और तमन्ना परवीन ने भाग लिया।
कार्यक्रम में प्रोफेसर संतोष कुमार सिंह समन्वयक महाविद्यालय विकास समिति ने भी भागीदारी की। हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ कुलभूषण मौर्य ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में हिंदी सहित सभी भारतीय भाषाओं को स्वर्णिम अवसर प्रदान किया गया है। इस शिक्षा नीति में कहा गया है कि सभी भारतीय भाषाओं में विज्ञान, चिकित्सा, अभियंत्रण, प्रबंधन आदि की पढ़ाई होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को फायदा होगा। अंग्रेजी सीखने में लोग अपना समय नहीं लगाएंगे। चीन और जापान जैसे देशों ने अपनी मातृभाषा में ही ज्ञान - विज्ञान के बड़े-बड़े आविष्कार किए हैं।
विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ अनामिका सिंह ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर बात करते हुए कहा कि आज के समय के अनुसार यह शिक्षा नीति किसी वरदान से कम नहीं है। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए डॉ. जितेश कुमार ने कहा कि आधुनिक भारत में नई शिक्षा नीति 2020 का विशिष्ट महत्व है। इनसे रचनात्मक और नवाचार को महत्व मिल रहा है। नई शिक्षा नीति का उद्देश्य छात्रों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है बल्कि उन्हें व्यवहारिक ज्ञान भी देकर उनकी मानसिक बौद्धिक क्षमता को और भी ज्यादा प्रबल बनाना है। शोधार्थी मनोज कुमार राय, सियाशरण कुमार, नीतू बाबू, संगीता कुमारी, श्वेता कुमारी ने लगभग एक स्वर में कहा कि इस नीति के द्वारा व्यवहारिक ज्ञान और टेक्निकल ज्ञान भी दिया जाना चाहिए ताकि सभी अपनी योग्यताओं को बढ़ा सके और उसके बलबूते अपने भविष्य को बेहतर बना सके। सेमिनार में विभाग के पूजा, निर्मल, सीमा, मौसम, अनुपम, अभिलाषा, पायल, संजू आदि छात्र - छात्राओं ने हिंदी तथा अन्य भारतीय भाषाओं में कैरियर को लेकर प्रश्न उठाए। डॉ अनामिका सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।


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