बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे डीएम, कहा 'जहां जरूरत होगी वहीं चलेगा सामुदायिक किचन'
- by Manjesh Kumar
- 06-Sep-2026
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कटिहार: गंगा के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने शनिवार को बरारी प्रखंड की दक्षिणी भंडारतल और मोहनाचांदपुर पंचायत के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। डीएम ने नाव से प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की स्थिति, सामुदायिक किचन, पशु चारा, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। डीएम ने कहा कि जहां जरूरत होगी, वहीं सामुदायिक किचन संचालित किया जाएगा। घरों में रह रहे बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ-साथ बांध, सड़क किनारे अथवा अन्य ऊंचे स्थानों पर शरण लिए लोगों तक भी प्रशासन की ओर से आवश्यक सहायता पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराना है।
नाव से पहुंचे कुंडी घाट, राहत व्यवस्था का लिया जायजा
जिला पदाधिकारी अधिकारियों के साथ नाव से भवानीपुर स्थित कुंडी घाट पहुंचे। वहां उन्होंने बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और मौके पर मौजूद अधिकारियों से अब तक उपलब्ध कराई गई राहत सामग्री की जानकारी ली। वार्ड संख्या 10 और 11 के प्रभावित परिवारों के बीच पॉलिथीन शीट का भी वितरण किया गया। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन परिवारों के घर पानी से प्रभावित हैं या जिन्हें खुले में रहने की मजबूरी है, उन्हें आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
बोट क्लिनिक और बोट एंबुलेंस की होगी व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। डीएम ने बताया कि प्रभावित इलाकों में बोट क्लिनिक और बोट एंबुलेंस की व्यवस्था की जा रही है। इसके माध्यम से पानी से घिरे गांवों और उन इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएंगी, जहां सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि डॉक्टर और एएनएम की टीम के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों की जरूरतों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
चार नावें चल रहीं, अतिरिक्त नावों की व्यवस्था के निर्दश
प्रशासन की ओर से फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में चार नावें संचालित की जा रही हैं। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जरूरत के अनुसार नावों की संख्या बढ़ाई जाए। उन्होंने नई नावों के रजिस्ट्रेशन और उपलब्धता की प्रक्रिया में छुट्टी आदि का इंतजार नहीं करने का निर्देश दिया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल नावों का परिचालन शुरू किया जा सके।
मोहनाचांदपुर के कई वार्डों में फैला पानी
मोहनाचांदपुर पंचायत के वार्ड संख्या 10 से 17 तक बाढ़ का पानी फैलने की स्थिति बनी हुई है। मोहनाडीह, समदा, कुंडी, भवानीपुर, सोनाखाल और संथाली टोला समेत कई निचले इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कई परिवार पिछले करीब 15 दिनों से सड़क किनारे अस्थायी झोपड़ी बनाकर रहने को मजबूर हैं। बाढ़ के कारण कई चापाकल पानी में डूब गए हैं, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने पेयजल की समस्या भी उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था कराने की मांग की।
छड़की बांध टूटने से दक्षिणी भंडारतल में बढ़ी परेशानी
दक्षिणी भंडारतल पंचायत के वार्ड संख्या दो में छड़की बांध टूटने से भी बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। पानी का फैलाव बढ़ने से लोगों को आवागमन समेत कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बांध की मरम्मत और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था की मांग की है। डीएम ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों से कहा कि जलस्तर और पानी के फैलाव पर लगातार नजर रखी जाए। जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य को तत्काल बढ़ाया जाए।
डीएम के बाद विधायक ने भी लिया जायजा
डीएम के दौरे के बाद बरारी विधायक विजय सिंह निषाद ने भी दक्षिणी भंडारतल और मोहनाचांदपुर पंचायत के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने सामुदायिक किचन का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध भोजन एवं अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। विधायक ने बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री, भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं लगातार पहुंचाने की बात कही।
राहत कार्यों पर प्रशासन की नजर
गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बाढ़ की स्थिति बिगड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए आवश्यक तैयारी पहले से पूरी रखें। साथ ही सामुदायिक किचन, नाव, स्वास्थ्य टीम और राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को उनकी जरूरत के अनुसार राहत उपलब्ध कराई जाएगी और किसी भी क्षेत्र में आवश्यकता होने पर तत्काल सहायता पहुंचाई जाएगी।


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