कटिहार जिले के 16 प्रखंडों में सरस्वती विद्या निकेतन का भव्य शुभारंभ
- by Manjesh Kumar
- 19-Jul-2026
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कटिहार: बिहार सरकार के सात निश्चय-3 के तहत "उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य" अभियान के अंतर्गत रविवार को कटिहार जिले के सभी 16 प्रखंडों में सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) का भव्य शुभारंभ किया गया। राज्य भर में 551 आदर्श विद्यालयों का एक साथ लोकार्पण किया गया। राज्यस्तरीय समारोह का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बेगूसराय से किया। कटिहार जिले में आयोजित कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने फलका प्रखंड स्थित शिव नारायण सर्वोदय उच्च विद्यालय, बरेटा में आयोजित उद्घाटन समारोह में शामिल होकर विद्यालय का शुभारंभ कराया तथा विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने की सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।
जिले के जिन विद्यालयों को सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) के रूप में विकसित किया गया है, उनमें हाई स्कूल हफलागंज (कटिहार), राजेंद्र हाई स्कूल धनपारा (मनसाही), एलएस हाई स्कूल नवाबगंज (मनिहारी), उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय कटारिया (कुर्सेला), एसजेएनसी हाई स्कूल बरेटा (बरारी), शिव नारायण सर्वोदय उच्च विद्यालय बरेटा (फलका), उत्क्रमित उच्च विद्यालय जनता गोपालपुर (अमदाबाद), उत्क्रमित उच्च विद्यालय कल्याणगांव (बलरामपुर), उत्क्रमित उच्च विद्यालय दिघरी (कोढ़ा), उत्क्रमित उच्च विद्यालय परभेली (कदवा), उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय मलहरिया (समेली), हाई स्कूल आबादपुर (बारसोई), आर.के. हाई स्कूल आजमनगर, उत्क्रमित उच्च विद्यालय पदमपुर (हसनगंज), उत्क्रमित उच्च विद्यालय टिकैली (डंडखोरा) तथा उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय बुधनगर (प्राणपुर) शामिल हैं।
राज्यस्तरीय समारोह में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी तथा शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की उपस्थिति रही। समारोह का सीधा प्रसारण कटिहार के सभी चयनित विद्यालयों में किया गया, जिसे विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक देखा। सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) योजना का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों को आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों के रूप में विकसित करना है। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को स्मार्ट कक्षाओं के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) आधारित शिक्षण, आधुनिक विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय, खेलकूद की बेहतर सुविधाएं तथा व्यक्तित्व विकास के लिए अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से सरकारी विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक शिक्षा का लाभ मिल सकेगा।


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