लोकतंत्र के अनूठे योद्धा ‘धरती पकड़’ नागरमल बाजोरिया का 96 वर्ष की आयु में निधन, पंचायत से राष्ट्रपति तक लड़े थे 281 चुनाव

भागलपुर:  भागलपुर लोकतंत्र के महापर्व में अटूट निष्ठा और जीवटता की मिसाल रहे भागलपुर के एमपी द्विवेदी मार्ग निवासी नागरमल बाजोरिया उर्फ ‘धरती पकड़’ का 96 वर्ष की आयु में पटना में निधन हो गया। पंचायत से लेकर राष्ट्रपति पद तक अपने जीवनकाल में 281 से अधिक चुनाव लड़ने वाले बाजोरिया ने हार-जीत से परे रहकर केवल लोकतंत्र में अपनी भागीदारी निभाई पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ रायबरेली, राजीव गांधी के खिलाफ अमेठी और वर्ष 2012 में प्रणब मुखर्जी के खिलाफ राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़कर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी थीं।

राजनीति के प्रति उनका जुनून ऐसा था कि 93 वर्ष की उम्र में, जब वे ठीक से चल-बोल भी नहीं पाते थे, उन्होंने पुरानी दिल्ली, रायबरेली और पटना साहिब इन तीन लोकसभा सीटों से एक साथ चुनाव लड़ने के लिए प्रचार हेतु मारुति वैन खरीदी थी। चुनाव में हर बार हार मिलने के बावजूद उनका हौसला कभी नहीं डिगा। वर्ष 1930 में लाहौर से आकर भागलपुर में बसने वाले बाजोरिया ने शून्य से अपना व्यवसाय खड़ा किया था। भागलपुर में गंभीर पेयजल संकट के दौरान उन्होंने निजी खर्च से कई सार्वजनिक स्थलों पर नलकूप लगवाए थे। जनहित के इसी सेवाभाव और माटी से जुड़े होने के कारण शहरवासियों ने उन्हें प्यार से ‘धरती पकड़’ नाम दिया था। उनके परिवार में बड़े पुत्र सतीश कुमार बाजोरिया भागलपुर में 'गोविंद चूड़ी भंडार' संभालते हैं, जबकि अजय और दिलीप कुमार पटना में व्यवसाय से जुड़े है।

  

Related Articles

Post a comment