पुर्णिया नगर निगम में कम नहीं हो रहा है विवाद, अब उप मेयर ने कमीशनखोरी का लगाया आरोप

lपूर्णिया: पूर्णिया नगर निगम में किये जा रहे विकास कार्यों पर लगातार सवाल उठ रहा है। नाला सड़क निर्माण से लेकर तिरंगा लाइट कचरा उठाव में बड़े पैमाने पर सरकारी राशि का बंदरबांट किया गया है। कमीशनखोरी के चक्कर में फाइलों पर निर्धारित राशि से ज्यादा का बिल बनाकर हेराफेरी की जा रही है। नगर निगम में अंदरखाने सबकुछ चल रहा है। सरकारी राशि के फंडिंग के नाम पर विकास का प्रकाश कम और जेब भरने का प्रयास ज्यादा होता है। इसमें ऊपर से नीचे तक सभी कर्मी मिले हुए हैं। कई वार्ड के पार्षदों ने पूर्व में इस मामले को लेकर आवाज भी बुलंद किया है। मगर मैनेजिंग सिस्टम से सब कुछ सेट हो जाता है। अब उप मेयर पल्लवी गुप्ता ने नगर निगम में काम करने वाले आऊट सोर्सिंग स्टाफ ओमनाथ झा उर्फ बाबू झा के पदस्थापना को लेकर बड़ा सवाल उठाते हुए प्रशासनिक पदाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया है। 

उप महापौर ने कहा कि 23 मार्च 2026 को प्रमंडलीय आयुक्त के ने स्पष्ट तौर पर निर्देश दिया था कि आऊटसोर्सिंग के माध्यम से ओमनाथ झा को नियुक्त किया गया था। संबंधित कर्मी से वित्तीय काम नियोजन और तकनीकी काम नहीं लेने का निर्देश दे रखा है। इस तरह के काम के निपटारे को लेकर उच्च योग्यता धारी एम टेक एम बीए या तकनीकी दक्षता वाले कर्मियों से महत्वपूर्ण काम करवाने का निर्देश दिया गया है। इसके बावजूद कमिश्नर के आदेश की अवहेलना की जा रही जा रही है। नियमों को ताक पर रखकर आऊट सोर्सिंग कर्मी ओमनाथ झा निगम में योजना सहायक के पद पर काम करते हुए फाइनेंशियल सहित अन्य योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण फाइलों का निपटारा कर रहे हैं। उप मेयर ने साफ तौर पर कहा कि आखिर ऐसे कर्मी को किसके आदेश पर इस तरह के कार्यों को निष्पादन करने की खुली छूट दी गई है। ओमनाथ झा को किसका वरदहस्त प्राप्त है। इस पद पर अभी तक कैसे बने हुए हैं। नगर आयुक्त से लेकर मेयर तक इस पर चुप्पी क्यों साध रखी है।

उप मेयर पल्लवी गुप्ता ने कहा कि इसके संबंध में नगर निगम के ठेकेदार, जन प्रतिनिधि और आम लोगों ने भी कर्मी के खिलाफ आयुक्त से शिकायत दर्ज भी करवा चुके हैं। मगर फिर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस कर्मी को कौन संरक्षण दे रहा है। उप मेयर ने जिला और निगम प्रशासन के साथ साथ संबंधित नगर आवास विभाग के मंत्री से प्रमंडलीय आयुक्त के आदेश के अनुपालन की मांग की है ताकि योग्य और प्रशिक्षित कमी ही नगर निगम के कार्यों को देखे जिससे नगर निगम के कार्यों में निष्पक्षता पारदर्शिता और गुणवत्ता कायम रहे। उन्होंने कहा कि नगर निगम में किसी भी तरह के भ्रष्टाचार मनमानी को किसी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की उपमेयर मांग की है। जिससे जनता का विश्वास बना रहे।

  

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