सखी वार्ता के दौरान महिलाओं को सिखाया गया आत्मनिर्भर होने का गुर, सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूकता पर भी जोर
- by Manjesh Kumar
- 12-Jun-2026
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पूर्णिया: जिला प्रोग्राम पदाधिकारी सुगंधा शर्मा के निर्देश के आलोक में जिला अंतर्गत बी -कोठी प्रखंड में "सखी वार्ता" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं एवं किशोरियों को सामाजिक कुरीतियों, महिला अधिकारों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना एवं उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं एवं किशोरियों को बाल विवाह उन्मूलन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, लैंगिक हिंसा, दहेज प्रथा, महिला सुरक्षा तथा अल्पायु में मातृत्व से होने वाले दुष्प्रभावों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। बाल विवाह एवं दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए इनके उन्मूलन में समाज की सक्रिय भागीदारी पर बल दिया गया।
कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी बी-कोठी एवं केंद्र प्रशासक वन स्टॉप सेंटर द्वारा 181 महिला हेल्प लाईन की जानकारी दी गयी एवं सभी महिला पर्यवेक्षिका,आंगनबाड़ी सेविका, लेखा सहायक DHEW एवं संबंधित ग्रामीण उपस्थित थे। जिसमें जिला मिशन समन्वयक, DHEW नंदन कुमार सिंह ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से डिजिटल भुगतान प्रणाली तथा वित्तीय प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को नियमित बचत एवं सरकारी वित्तीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण विषयों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए इनका लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है जिसमें ज्यादा से ज्यादा लाभार्थियों को लाभ दिया जा सके इस हेतु सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं को विशेष निर्देश दिए गए कि ज्यादा से ज्यादा आवेदन प्राप्त करें। महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में महादलित टोला के किशोरी समूह की सदस्यों एवं स्थानीय महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विभिन्न विषयों पर अपने विचार भी साझा किए। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने बाल विवाह, दहेज प्रथा एवं लैंगिक भेदभाव जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाज से समाप्त करने तथा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।


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