2021 के मामले में जांच करने बेगूसराय पहुंची SIT, कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था विकास वैभव का नाम...
- by Manjesh Kumar
- 14-Jul-2026
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बेगूसराय: बेगूसराय में वर्ष 2021 में कस्तूरबा विद्यालय के एक वार्डन की संदिग्ध मौत मामले में अब SIT ने जांच शुरू कर दी है। मगध रेंज के आईजी विकास वैभव के नेतृत्व में टीम सोमवार को बेगूसरायबक बीरपुर पहुंची और कई लोगों से पूछताछ के साथ ही छानबीन की। बताया जा रहा है कि बेगूसराय जिले के वीरपुर प्रखंड के कस्तूरबा विद्यालय में 4 अप्रैल 2021 को विद्यालय के वार्डन रिंकू कुमारी की संदिग्ध अवस्था में शव कमरे से लटका मिला था। इस मामले में पुलिस ने इसे साधारण आत्महत्या मानकर केस क्लोज कर दिया। लेकिन मृतिका की बड़ी बेटी तेजस्विनी ने अपनी मां की मौत को हत्या बताते हुए न्याय पाने के लिए जगह-जगह गुहार लगाई।
मृतिका की बेटी की मांग से हर किसी ने पल्ला झाड़ दिया। बावजूद इसके वह हार नहीं मानी और हाई कोर्ट के सामने साक्ष्य के साथ दलील प्रस्तृत की, जिसे कोर्ट ने भी सही मानते हुए इस मामले का रिसुपरविजन विकास वैभव के नेतृत्व में टीम को आदेश दिया है। सोमवार को मगध रेंज के आईजी विकास वैभव के नेतृत्व में एसआईटी बीरपुर पहुंची।
क्या है मामला
मामले में बताया जा रहा है कि 4 अप्रैल 2021 की सुबह रिंकू कुमारी अपने घर असुरारी गांव से स्कूल के लिए निकली थी। दोपहर करीब 2 बजे उनकी बेटी तेजस्विनी को उनकी मौत की सूचना मिली। जब परिजन स्कूल पहुंचे, तो रिंकू कुमारी का शव फर्श पर पड़ा था। पुलिस और स्थानीय लोगों ने उन्हें मोबाइल में वे तस्वीरें दिखाई, जिनमें शव पंखे से लटका हुआ था। लेकिन शरीर धूल और मिट्टी से सना था तथा पैर जमीन को छू रहे थे। परिजनों ने इसे हत्या बताया, जबकि पुलिस आत्महत्या का रूप देने में जुटी रही। मृतिका की पुत्री तेजस्विनी कुमारी ने कोर्ट को बताया कि वह प्राथमिकी दर्ज कराने वीरपुर थाना पहुंची तो तत्कालीन थाना प्रभारी ने उनके बताए संदिग्धों कौशल कुमार और रोहित कुमार के खिलाफ नामजद FIR दर्ज करने से मना कर दिया और पुलिस ने अपने मर्जी से आवेदन लिखवाया। जांच के बाद आईजी विकास वैभव ने बताया कि वीरपुर थाना क्षेत्र में 4 अप्रैल 2021 को कस्तुरबा गांधी आवासीय विद्यालय की वार्डन रिंकू कुमारी मृत पाई गई थी। उस समय पुलिस ने मामले को फाइनल कर सबमिट कर दिया था। इसके बाद उच्च न्यायालय द्वारा इसे संदिग्ध मानते हुए पूरे मामले का नए सिरे से जांच करने का आदेश दिया गया। इसके लिए मुझे प्राधिकृत किया गया है। उच्च न्यायालय के आदेश पर आज से SIT ने मामले की जांच शुरू कर दी है। विभिन्न पहलुओं पर जांच होगी, सभी डॉक्यूमेंट का सत्यापन कर रहे हैं। लोगों से अपील की गई है कि जो भी जानकारी हो, उसकी सूचना दें।
मौके पर मौजूद मृतका की पुत्री और हाईकोर्ट की याचिकाकर्ता तेजस्विनी ने बताया कि कौशल, रोहित और बबलू ने मिलकर हमारी मां की हत्या की थी। 4 अप्रैल 2021 को मेरी मां कस्तूरबा विद्यालय आई थी। स्कूल आते ही स्कूल का सीसीटीवी बंद हो गया, फिर 1:30 बजे सीसीटीवी कैमरा चालू हुआ है। पुलिस ने क्लोज रिपोर्ट दिया था कि आत्महत्या है। लेकिन हम लोगों को पूरा विश्वास है कि यह सुसाइड नहीं हत्या है। जमीन के लिए दिए गए 15 लाख के लेन-देन में मेरी मां की हत्या की गई। न जमीन मिला और न ही पैसे मिले। कौशल और रोहित ने कहा था कि 4 अप्रैल को पैसा लौटा देंगे। लेकिन मौत की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे तो स्पष्ट दिखा की हत्या है। उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच कर न्याय मिला मिलेगा। हाई कोर्ट के आदेश और विकास वैभव पर भरोसा है। आज हम लोगों को बुलाया गया था, हमने पूरी बात बताई है। आवश्यक साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं।


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