बेगूसराय गंगा ग्लोबल बीएड कालेज में शिक्षक कर्मियों की योग्यता और दक्षता में वृद्धि विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजन।
- by Raushan Pratyek Media
- 24-Sep-2025
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प्रशान्त कुमार ब्यूरो चीफ
बेगूसराय:- गंगा ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टीचर एजुकेशन में तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य प्रशिक्षक केन्द्रीय विश्वविद्यालय दक्षिण बिहार के शिक्षा शास्त्र के सहायक प्राध्यापक डॉ मो. मोज़म्मिल हसन, बीएड कालेज के प्राचार्य नीरज कुमार, एमबीए कालेज की प्राचार्य डॉ सुधा झा, सहायक प्राध्यापक परवेज़ यूसुफ़, डॉ राजवंत सिंह, डॉ अनीथा एस ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यशाला का विषय "शिक्षक कर्मियों की योग्यता और दक्षता में वृद्धि" है जो 26 सितम्बर 2025 तक चलेगा। दूसरे प्रशिक्षक स्थानीय श्रीकृष्ण महिला महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापक डॉ संगीता कुमारी होंगी। प्राचार्य और प्राध्यापकों ने अंगवस्त्र और मोमेंटो देकर मुख्य प्रशिक्षक का सम्मान किया। डॉ नीरज कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि करके सीखना, सीखने का सबसे बड़ा तरीक़ा है। प्रशिक्षुओं को वर्कशॉप में लगातार बने रहने को कहा। डॉ सुधा झा ने कहा कि ज्ञान और अनुभव का सम्मिश्रण ज़रूरी है। सभी को समान रूप से बेहतर शिक्षा मिलनी चाहिए। केन्द्रीय विश्वविद्यालय साऊथ बिहार के सहायक प्राध्यापक व कार्यशाला प्रशिक्षक डॉ मो. मोज़म्मिल हसन ने प्रशिक्षुओं को संबोधन कर कहा कि सीखने का मतलब हमें वो चीजें आनी चाहिए। माइंडसेट के संबंध में विस्तार से अपनी बात रखी और कहा शिक्षक का कार्य सेवा कार्य है ये कोई नौकरी या ड्यूटी नहीं है। महत्वपूर्ण ये है कि हमें हमारी ज़रूरतों की कौन-कौन सी चीजें करनी आती है। उन्होंने कई उदाहरण देते हुए कहा कि शिक्षकों को कौन-कौन सी चीजें आनी चाहिए जिससे कि वो एक दक्ष शिक्षक बन सके। बेहतर शिक्षक बनने से ही समाज में उचित सम्मान मिलेगा। हर विद्यार्थी में कोई न कोई प्रतिभा होती ही है सभी पेड़ पर नहीं चढ़ सकते इसलिए शिक्षकों को अपने मुल्यांकन का तरीक़ा बदलना होगा। उक्त अवसर पर सहायक प्राध्यापक प्रो परवेज़ यूसुफ़, प्रो अंजली, प्रो अमर कुमार, प्रो अनीता एस, प्रो कुंदन कुमार, डॉ राजवंत सिंह तथा कार्यालय कर्मी के अलावा सत्र 2024-26 व 2025-27 के सैकड़ों प्रशिक्षु उपस्थित थे।
कार्यशाला का संयोजन किया सहायक प्राध्यापक डॉ राजवंत सिंह ने तथा मंच संचालन किया सहायक प्राध्यापक प्रो परवेज़ यूसुफ़ ने।


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