DM और SSP ने धनतेरस व दीपावली पर विधि-व्यवस्था की तैयारियों को लेकर की समीक्षा, अधिकारियों को दिया निर्देश
- by Manjesh Kumar
- 04-Nov-2026
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मुजफ्फरपुर: बुधवार को जिलाधिकारी कुमार गौरव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र ने कहा है कि धनतेरस एवं दीपावली के अवसर पर विधि-व्यवस्था संधारण प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। अधिकारीद्वय इस विषय पर आयोजित एक बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने पुलिस अधीक्षकों, अनुमंडल पदाधिकारियों, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों, नगर कार्यपालक पदाधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचलाधिकारियों, थानाध्यक्षों एवं विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को सजग, सतर्क एवं तत्पर रहकर संयुक्त जिलादेश में वर्णित आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
अधिकारीद्वय ने स्थानीय स्तर पर आसूचना तंत्र को सुदृढ़ रखने को कहा है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोका जाए। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने निदेश दिया है कि यथेष्ट प्रशासनिक सतर्कता बरती जाए, अफवाहों का त्वरित खंडन किया जाए एवं सघन गश्ती सुनिश्चित की जाए। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को सतत क्रियाशील रखें। क्षेत्रीय पदाधिकारीगण सभी हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स) से सार्थक संवाद कायम रखें। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) एवं क्विक मेडिकल रिस्पांस टीम(क्यूएमआरटी) तैनात रखें।
बैठक में ज़िलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने धनतेरस एवं दीपावली के अवसर प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। अधिकारिद्वय ने कहा कि असामाजिक तत्व पर नियंत्रण के लिए थाना स्तर से लेकर हर स्तर पर प्रशासनिक सतर्कता अपेक्षित है। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थानाध्यक्ष एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को निर्देश दिया कि उक्त अवसर पर भ्रमणशील रहकर निगरानी रखेंगे। बाइक पेट्रोलिंग सुनिश्चित करेंगे। सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में तैयारियों का पर्यवेक्षण करें।
विदित हो कि भीड़ प्रबंधन के निर्धारित मानकों के अनुसार जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा धनतेरस एवं दीपावली के अवसर पर विधि-व्यवस्था संधारण हेतु 292 स्थानों पर स्टैटिक दंडाधिकारियों तथा पुलिस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इनके कार्यों के अनुश्रवण तथा इमरजेंसी की स्थिति में ससमय रिस्पॉन्स के लिए 14 सेक्टर दंडाधिकारियों तथा पुलिस अधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया गया है। प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी तथा पुलिस पदाधिकारी भीड़ प्रबंधन के मानकों का दृढ़ता के साथ परन्तु विनम्रतापूर्वक अनुपालन कराएंगे। गश्ती दल द्वारा रेगुलर पेट्रोलिंग की जाएगी।
जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक के आदेश से 7 मुख्य मार्गों पर 15 गश्ती दलों का गठन किया गया है। इसमें दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं पुलिस बलों को प्रतिनियुक्त किया गया है। ये सभी दल धनतेरस एवं दीपावली के अवसर पर लगातार भ्रमणशील रहकर विधि-व्यवस्था संधारण सुनिश्चित करेंगे। साथ ही भीड़ में किसी भी प्रकार की घटना को घटित होने से रोकेंगे। इन मुख्य गश्ती दलों के अतिरिक्त अन्य संवेदनशील बाजारांे, स्थलों एवं मार्गों पर सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अपने स्तर से गश्ती दलों का गठन करेंगे। एसडीओ एवं एसडीपीओे मुख्य गश्ती दल की मदद से सभी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे तथा किसी तरह की घटना न घटने पाएं इसके लिए सुचारू व्यवस्था करेंगे
दीपावली पर्व के अवसर पर नगर भवन के पास इंटीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर (आईसीसीसी) में नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गयी है, जो दिनांक 06.11.2026 के प्रातः 06:00 बजे से दिनांक 09.11.2026 के प्रातः 06:00 बजे तक के लिए कार्यरत रहेगा। यहाँ तीन पालियों में दंडाधिकारियों तथा पुलिस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। सुरक्षित दंडाधिकारियों तथा पुलिस अधिकारियों को भी तैनात किया गया है।नियंत्रण कक्ष में प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारी किसी भी गंभीर घटना की सूचना तुरन्त जिला दण्डाधिकारी / वरीय पुलिस अधीक्षक / संबंधित अनुमण्डल पदाधिकारी / अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी को देंगे तथा तुरंत सुरक्षात्मक एवं निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। नियंत्रण कक्ष में पर्याप्त संख्या में पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति पुलिस उपाधीक्षक, रक्षित, पुलिस केन्द्र, मुजफ्फरपुर द्वारा की जाएगी।
जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि दोनों अनुमंडलों में अनुमंडल पदाधिकारी तथा अनुमंडल पुलिस अधिकारी आवश्यकतानुसार अपने स्तर से दंडाधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों की अतिरिक्त तैनाती करेंगे। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने निदेश दिया है कि पर्व-त्योहार के अवसर पर लाउडस्पीकर 06.00 बजे प्रातः से 10.00 बजे रात्रि तक ही निर्धारित डेसिबल के अनुरूप बजाया जाना सुनिश्चित करें। डीजे के उपयोग पर पूर्णतः रोक रहेगा। विद्यालय, न्यायालय, अस्पताल के 100 मीटर की परिधि में लाउडस्पीकर नहीं बजाया जाएगा तथा माईक नहीं लगाया जाएगा। पूजा स्थलों पर अश्लील एवं भड़काउ कैसेट नहीं बजाया जा सकता है।
जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने प्रतिमाओं के विसर्जन जुलूस को समुचित ढंग से नियंत्रित करने का निदेश दिया है। प्रवाह वाले नदियों एवं इसके सहायक नदियों में मूर्ति का विसर्जन नहीं किया जाना है। नगर निकाय क्षेत्र में या नदियों के किनारे अस्थायी तालाब में मूर्ति विसर्जन किया जाना है। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत संवेदनशील स्थानों पर कड़ी निगरानी करने तथा दंडाधिकारियों के पर्यवेक्षण में वीडियोग्राफी कराना सुनिश्चित करने का निदेश दिया है। साथ ही, विधि-व्यवस्था बनाए रखने हेतु प्रशासनिक सतर्कतामूलक एवं निरोधात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
सिविल सर्जन कुशल चिकित्सकों की टीम एवं आवश्यक दवाओं के साथ एम्बुलेंस तैनात रखेंगे। इसके अतिरिक्त नियंत्रण कक्ष में 108 एम्बुलेंस की यूनिट प्रतिनियुक्त करेंगे। जिले के अस्पतालों को किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार हालत में रखेंगे। वे एम्बुलेंस, आवश्यक दवाओं, जलने के उपचार से संबंधित दवाओं सहित की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन तंत्र को पूर्णतः सक्रिय करने का निदेश दिया है। जिला अग्निशाम पदाधिकारी जिला नियंत्रण कक्ष में अग्निशाम दस्ता की यूनिट उपलब्ध कराएंगे। साथ ही सभी अनुमंडलों में प्रमुख स्थानों पर अग्निशमन वाहनों को चालक सहित तैयार रखेंगे। आवश्यकतानुसार वैकल्पिक व्यवस्था भी रखेंगे। अग्निशाम पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी एवं गश्ती दंडाधिकारी से सक्रिय संपर्क मंे रहेगें। सभी अनुमंडल पदाधिकारी अग्नि शमन व्यवस्था से स्वयं संतुष्ट हो लेंगे एवं किसी भी तरह की आपातकालीन स्थिति पर तत्काल एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। जिलाधिकारी ने विद्युत कार्यपालक अभियंताओं को विद्युत आपूर्ति सुदृढ़ करने एवं सुरक्षात्मक मापदंडों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निदेश दिया है।


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