गंगा नदी पर डबल ट्रैक रेल पुल होगा लाइफलाइन, उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच ट्रेन की रफ्तार होगी तेज...

पटना: उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने गंगा नदी पर कई पुल बनाया है और कई अन्य पुलों का निर्माण कार्य जारी है। इसी कड़ी में उत्तर और दक्षिण बिहार को रेलवे रूट के माध्यम से जोड़ने वाली एक मेगा योजना पर काम पूर्ण हो गया है। यह पुल लाइफलाइन के रूप में काम करेगी जिसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। मोकामा - सिमरिया राजेंद्र पुल के समानांतर दो रेल ट्रैक वाला नया रेल पुल अब अपने उद्घाटन का इंतजार कर रहा है।

सूत्रों के अनुसार इस पुल पर ट्रेनों का परिचालन मई या जून से शुरू की जा सकती है। इस पुल के शुरू हो जाने के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी और यहां से ट्रेनें हाई स्पीड में गुजर सकेंगी। बताया जा रहा है कि करीब 1700 करोड़ रुपए की लागत से बने इस पुल पर ट्रेनें 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। इस पुल के शुरू होने के बाद एक तरफ जहां इधर से उधर जाने वाले यात्रियों को आसानी होगी वहीं दूसरी तरफ व्यावसायिक दृष्टिकोण से भी यह विकास की गति को रफ्तार देगा।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पुल का स्ट्रक्चर बन कर तैयार हो गया है और इस पर ट्रैक बिछा दिए गए हैं। हाईटेंशन तार के लिए पोल भी लगा दिए गए हैं जबकि तार बिछाने का काम तेज गति से चल रहा है। इसके साथ ही ट्रैक की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि किसी तरह की कोई परेशानी बाद में सामने न आ सके। बता दें वर्तमान में राजेंद्र सेतु पर स्थित सिंगल ट्रैक से ट्रेन काफी कम गति से चलती हैं जिसकी वजह से दोनों तरफ कई ट्रेनों को इंतजार करना पड़ता है। ट्रेनों की रफ्तार कम होने की वजह से मोकामा बरौनी रेलखंड पर कई ट्रेनें अक्सर देर हो जाती है। अब इस पुल के बन जाने के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार के लिए लाइफलाइन की तरह काम करेगा, और ट्रेनों की रफ्तार तेज होंगी।

  

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