राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजी जाएगी मुजफ्फरपुर की शाही लीची, 10 टन में से चुने जा रहे 4 टन

मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर की विश्व प्रसिद्ध लीची हर वर्ष देश से लेकर विदेश तक भेजी जाती है। इस वर्ष भी प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति समेत देश भर के उच्च पदों पर बैठे लोगों को शाही लीची का बेहतर स्वाद लेने के लिए मिलेगा। इसके लिए राज्य में तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति समेत अन्य उच्च पदों पर बैठे राजनेता और अधिकारियों के लिए मुजफ्फरपुर के चुनिंदा बागों से लीची तोड़ी गई है। इस बेहद खास और वीआईपी टास्क को समय पर पूरा करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से जिला उद्यान अधिकारी और उपविकास आयुक्त (डीडीसी) को पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो खुद पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत अन्य आला लोगों को लीची भेजे जाने के लिए कुल 10 टन लीची तोड़ी गई है जिसमें से 4 टन लीची की छंटनी की जा रही है। पताही स्थित लीची प्रोसेसिंग यूनिट के संचालक ने इस विशिष्ट ऑर्डर के बारे में तकनीकी जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की तरफ से उन्हें दो-दो किलो की शाही लीची के कुल दो हजार पैकेट तैयार करने का बड़ा ऑर्डर मिला है, जिसकी पैकिंग का काम युद्धस्तर पर जारी है। इसके लिए मुजफ्फरपुर जिले के विभिन्न चुनिंदा और बेहतरीन बागों का चयन पहले ही कर लिया गया था, जहां से शनिवार सुबह ही लीची की तुड़ाई की गई है।

यूनिट संचालक ने बताया कि इस बार मौसम की बेरुखी और अन्य कारणों से फसल थोड़ी कमजोर हुई है, जिससे लीची की सामान्य क्वालिटी उतनी बेहतर नहीं है। यही वजह है कि दिल्ली भेजे जाने वाले चार टन उत्तम दर्जे की लीची के पैकेट तैयार करने के लिए लगभग दस टन लीची मंगवाई गई है। इसमें से बेहद कड़ाई के साथ छंटाई (सॉर्टिंग) का काम किया जा रहा है, ताकि आकार, रंग और स्वाद में सर्वश्रेष्ठ लीची ही दिल्ली भेजी जा सके।

शाही लीची बेहद संवेदनशील फल है, जो तापमान बढ़ने पर जल्दी खराब होने लगता है। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और ताजगी के पुख्ता इंतजाम किए हैं। तैयार किए जा रहे दो-दो किलो के इन दो हजार पैकेट्स को मुजफ्फरपुर से दिल्ली तक के सफर के दौरान पूरी तरह सुरक्षित और फ्रेश रखने के लिए विशेष वातानूकूलित (एसी) वैन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी स्पेशल एसी वैन के जरिए यह खेप सीधे देश की राजधानी दिल्ली के लिए रवाना होगी। मामले को लेकर जिला उद्यान पदाधिकारी आभा कुमारी ने अधिकारिक तौर पर पुष्टि करते हुए बताया कि प्रशासनिक स्तर पर पूर्व से ही चयनित किए गए बागों से लीची की खेप मंगवाई जा रही है और गुणवत्ता मानकों का पूरा ध्यान रखते हुए इसे ससमय दिल्ली भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

  

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