पदभार संभालते ही प्रखंडों के दौरे पर निकले जिलाधिकारी कुमार गौरव, सरकार की योजनाओं का लिया जायजा

मुजफ्फरपुर: जिला पदाधिकारी कुमार गौरव ने मंगलवार को जिले के विभिन्न प्रखंडों का भ्रमण कर विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासनिक व्यवस्था तथा बाढ़ आपदा की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने साहेबगंज, पारु एवं सरैया प्रखंड का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रखंड कार्यालयों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मियों की उपस्थिति, कार्य निष्पादन की स्थिति तथा जनहित से जुड़े मामलों की समीक्षा की। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सभी कार्यालयों में कर्मियों की उपस्थिति बायोमेट्रिक प्रणाली का उपयोग कर सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने कहा कि कर्मियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही नियमानुसार वेतन भुगतान किया जाए तथा कार्यालयी अनुशासन को हर हाल में बनाये रखा जाए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कर्मी प्रखंड मुख्यालय में उपस्थित रहें और सरकारी कार्यों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आम जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। जनता को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए सभी अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्य करने की हिदायत दी। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संभावित बाढ़ आपदा की तैयारियों की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि राहत शिविरों की स्थापना, सामुदायिक किचेन की व्यवस्था, नावों की उपलब्धता, गोताखोरों की सूची, मेडिकल टीमों की तैनाती तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की तैयारी पूरी तरह अद्यतन रखी जाय। साथ ही नियमित समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाय कि किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने में सक्षम हो।

जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ प्रोटोकाल के अनुरूप कार्य करें और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ से संबंधित सभी तैयारियों का समय-समय पर सत्यापन किया जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। आगामी मुहर्रम पर्व को लेकर भी जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान जिले में शांति, सद्भाव और सामाजिक सौहार्द बनाये रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करें और स्थानीय स्तर पर प्रभावी निगरानी बनाये रखें। उन्होंने शांति समिति की बैठक आयोजित करने तथा जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के साथ समन्वय स्थापित कर पर्व का शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण आयोजन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई की जाय। उन्होंने अधिकारियों से स्थानीय स्तर पर संवाद और विश्वास का माहौल बनाये रखने पर भी जोर दिया। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न प्रखंडों में आयोजित सहयोग शिविरों के माध्यम से प्राप्त आवेदनों की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि शिविरों में प्राप्त सभी आवेदनों का शत-प्रतिशत निष्पादन सुनिश्चित किया जाय। साथ ही समस्याओं के समाधान में गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि आम लोगों को वास्तविक लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों का त्वरित और संतोषजनक समाधान ही सुशासन की पहचान है। इसलिए सभी अधिकारी आवेदनों के निष्पादन में गंभीरता बरतें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं और सेवाओं से वंचित न रहना पड़े।

जिलाधिकारी के इस दौरे को प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, विकास योजनाओं की प्रगति तेज करने तथा संभावित बाढ़ एवं पर्व-त्योहारों के मद्देनजर तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस दौरान जिलाधिकारी ने एसकेएमसीएच का भ्रमण कर एईएस संबंधी पिकू वार्ड का निरीक्षण किया तथा इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया। पिकू वार्ड में 100 बेड है तथा बच्चों का समुचित इलाज की सुदृढ़ व्यवस्था है। इस दौरान अस्पताल अधीक्षक तथा उपाधीक्षक एवं डॉक्टर उपस्थित थे।

मुजफ्फरपुर से रूपेश कुमार की रिपोर्ट

  

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