गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री
- by Manjesh Kumar
- 09-Aug-2026
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बिहार में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने को लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय। शिक्षा में सुधार के लिए विशेष सहयोग शिविर आयोजित होंगे
पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को एक्स पर ट्वीट कर कहा है कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार के स्तर से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। ताकि छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा मिल सके और उनका भविष्य उज्ज्वल हो सके। उन्होंने कहा है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विशेष समिति गठन करने की घोषणा की गई थी। सरकार ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को हर विद्यालय तक पहुंचाने के लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है, ताकि प्रत्येक विद्यालय को उत्कृष्टता का केंद्र बनाया जा सके और छात्रों के सीखने के स्तर में निरंतर सुधार सुनिश्चित हो।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि परीक्षा में सुधार के लिए दूसरी घोषणा की गई थी। इसमें राज्य सरकार द्वारा बिहार में परीक्षाओं को सुचारु, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं आधुनिक बनाने के लिए राज्य स्तरीय परीक्षा सुधार समिति का गठन किया गया है। समिति बोर्ड एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ कक्षा-आधारित मूल्यांकन में तकनीक एवं एआई के उपयोग के माध्यम से छात्रों के ज्ञान, समझ एवं विश्लेषण क्षमता के बेहतर आकलन के लिए सुझाव देगी।
सहयोग शिविर में संवाद कर सुनी जाएगी छात्रों की समस्याएं
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि शिक्षा सुधार के लिए विशेष सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक एवं छात्रों के साथ संवाद कर उनके सुझाव एवं समस्याएं सुनी जाएंगी। इसके अलावा छात्रों के कल्याण से जुड़े कार्यों के बेहतर समन्वय एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों में निदेशालय का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर परीक्षा व्यवस्था एवं छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए बिहार सरकार प्रतिबद्ध है।
शिक्षा क्षेत्र में सम्राट सरकार ने लिए कई महत्वपूर्ण फैसले
गौरतलब है कि सम्राट सरकार ने बिहार में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए पिछले 116 दिनों में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इसके तहत अगले पांच वर्षों में 1 लाख शिक्षकों की नियुक्ति, शिक्षकों के पारदर्शी स्थानांतरण, सभी प्रखंडों में मॉडल स्कूलों के विकास तथा 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेजों में पठन-पाठन शुरू करने जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इसके साथ ही विद्यार्थियों को आधुनिक एवं तकनीक आधारित शिक्षा से जोड़ने के लिए ‘बिहार स्कूल लाइव क्लासेज’, स्मार्ट क्लास तथा एआई आधारित शिक्षण व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का समान अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जेईई और नीट की निःशुल्क तैयारी की व्यवस्था भी की गई है।


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