जल्द शुरू किए जाएंगे IGIMS के नवनिर्मित तीन नए ब्लॉक, बेड के साथ ही बढ़ेंगी मरीजों के लिए सुविधाएं

IGIMS का होगा विस्तार, 1750 बेड की क्षमता से मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत। मरीजों की सेवा के लिए बेड की संख्या में बढ़ोतरी 500 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था। आईजीआईएमएस में तीन ब्लॉक के उद्घाटन से स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती 

पटना: बिहार में यशस्वी मुख्यमंत्री के संकल्प बेहतर शिक्षा-बेहतर स्वास्थ्य को मजबूती देने के लिए एक और बड़ा निर्णय लिया गया है। राजधानी के प्रसिद्ध अस्पताल आईजीआईएमएस में मरीजों के बेहतर व सटीक उपचार के लिए बी, सी, ई ब्लॉक का उद्घाटन सितंबर अंत या अक्टूबर शुरूआत में करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अस्पताल के उपनिदेशक विभूति प्रसन्न सिन्हा ने कहा कि आईजीआईएमएस में पांच ब्लॉक में से ए और डी ब्लॉक का उद्घाटन पहले ही किया जा चुका है। इन ब्लॉकों में अस्पताल में आये मरीज के इलाज के लिए सभी तरीके की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध की जा चुकी है। वहीं अस्पताल के प्रति मरीजों के विश्वास व बढ़ती संख्या को देखते हुए बी, सी, ई ब्लॉक का उद्घाटन कर डेढ़ महीने के अंदर करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि इस विषय पर दिशा-निर्देश के आलोक में हाल ही में रिव्यू मीटिंग का भी आयोजन किया गया था। जिसमें यह तय किया गया कि भवन के एयर कंडीशनिंग सिस्टम को शीघ्र क्रियात्मक बनाते हुए अत्याधुनिक तकनीक व हर प्रकार के खास उपकरण से लैस इन भवनों को मरीज की सेवा के लिए शुरू कर दिया गया है। उपरोक्त कार्यों के लिए स्वास्थ्य विभाग व आईजीआईएमएस के निदेशक डॉ बिंदे कुमार के दिशा-निर्देश के तहत यह कार्य किया जा रहा है।

तीनों ब्लॉकों के उद्घाटन से अस्पताल में बेड की संख्या होगी 1750

उपनिदेशक विभूति प्रसन्न सिन्हा ने कहा कि आईजीआईएमएस में फिलहाल बेड की संख्या 1397 है। वहीं बी, सी, ई ब्लॉक के उद्घाटन से बेड की संख्या बढ़कर 1750 के करीब हो जायेगी। 280 करोड़ की लागत से बनने जा रहे इन ब्लॉकों में ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर, क्रिटिकल केयर यूनिट और जनरल इमरजेंसी सुविधा भी शुरू की गयी है।

गंभीर इलाज के लिए खास व्यवस्था, अस्पताल में 6-7 हजार मरीज प्रतिदिन

उपनिदेशक सिन्हा ने अस्पताल के आंकड़ों की जानकारी देते हुए कहा कि रोजाना 6-7 हजार मरीज इलाज के लिए आते है। यह आईजीआईएमएस प्रशासन के लिए एक उपलब्धि का विषय है। बिहारवासियों को अब निजी अस्पताल में महंगे इलाज को छोड़ कर आईजीआईएमएस के किफायती व सटीक इलाज पर भरोसा कर रहे है। अस्पताल में गंभीर परिस्थिति में आये मरीजों के लिए 110 बेड की व्यवस्था मुख्य इमरजेंसी स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट एवं क्षेत्रीय चतुर्थ संस्थान में है। जिसके लिए 24 घंटे डॉक्टर व मेडिकल अटेंडेंट मौजूद रहते है। संस्थान आने वाले दिनों में इमरजेंसी के बेड की संख्या भी बढ़ाने के दिशा में कार्यरत है। जैसे ही 500 बेड का भवन पूर्ण रूप से कार्यरत हो जायेगा तो ओपीडी में खाली जगह में 2500 बेड की क्षमता वाली एक अत्याधुनिक इमरजेंसी वार्ड बनाने की प्रक्रिया की जायेगी।

  

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