गाड़ी चढ़ा कर जान लेने की कोशिश और थाना में दुर्व्यवहार मामले में पूर्व थानाध्यक्ष पर FIR, कई अन्य भी बनाए गए आरोपी

पटना: राजधानी पटना के दीघा थाना क्षेत्र में एक युवक को लग्जरी कार से कुचलने की कोशिश और थाना में दुर्व्यवहार के आरोप में अब थानाध्यक्ष के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की गई है। कोर्ट में दायर परिवाद के आधार पर न्यायालय के आदेशानुसार अब दीघा के पूर्व थानाध्यक्ष संजीव कुमार समेत अन्य आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है। वर्तमान दीघा थानाध्यक्ष अवनीश कुमार ने प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गयी है। परिवादी उदय साव ने पुलिस को दिये परिवाद में आरोप लगाया है कि वह अपने एक दोस्त के घर से लौट रहे थे, इसी दौरान मरीन ड्राइव के पास रेलवे लाइन किनारे रुककर चाय पी रहे थे।

आरोप है कि तभी आकाश कुमार ओझा ने जान से मारने की नीयत से उन पर फॉर्च्यूनर गाड़ी चढ़ा दी। हादसे में उनका हाथ टूट गया, जबकि पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आयीं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें संभाला गया। उदय साव का आरोप है कि घटना के बाद वह शिकायत लेकर दीघा थाना पहुंचे, जहां उनके साथ गाली-गलौज और दुर्व्यवहार किया गया। परिवाद में उन्हें धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। उन्होंने आरोपितों पर अपराधी गिरोह की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की। थाने में शिकायत के बाद मामला न्यायालय पहुंचा।

न्यायालय में दायर परिवाद पर सुनवाई के बाद कोर्ट के आदेश से दीघा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी। इसमें पूर्व थानाध्यक्ष संजीव कुमार समेत अन्य लोगों को आरोपित बनाया गया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार घटना से जुड़े साक्ष्यों, उपलब्ध तथ्यों और संबंधित लोगों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी। जांच पूरी होने के बाद ही परिवाद में लगाये गये आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

  

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