सरकार बनाने जा रही एशिया का सबसे बड़ा हड्डी सुपरस्पेशलिटी अस्पताल, दीवार फांद चोर उड़ा ले गए लाखों के सामान, सुरक्षा पर उठे सवाल
- by Manjesh Kumar
- 29-Aug-2026
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पटना: एक तरफ राज्य की सरकार और स्वास्थ्य विभाग लगातार राजधानी पटना में स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल में सुविधा विस्तार के लिए काम कर रही है तो दूसरी तरफ अस्पताल में कुव्यवस्था है कि कम होने का नाम नहीं ले रही। मामला शुक्रवार देर रात की है जब एलएनजेपी में चोरों ने बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि चोर दीवार फांद कर अस्पताल परिसर में घुसे और एसी के तांबे के तार, मोटर, मड पंप समेत कई सामानों की चोरी कर ली। चोरों ने एमआरआई मशीन के तार भी मात दिए। शनिवार की सुबह एमआरआइ मशीन चालू की गयी, तो उसमें तकनीकी खराबी आने लगी। कर्मचारियों ने जब मशीन और उससे जुड़े तारों की जांच की, तो चोरी का मामला सामने आया। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार लैब के बाहर लगे तांबे के तार चोरी हुए हैं। अन्य सामान को मिलाकर लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। एमआरआइ मशीन के तार काट दिये जाने के कारण शनिवार दोपहर तक सेवा प्रभावित रही। इससे जांच कराने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल प्रबंधन की ओर से चोरी गये तारों और अन्य उपकरणों को दुरुस्त कराने की प्रक्रिया शुरू की गयी। घटना के बाद एलएनजेपी अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गयी है। अस्पताल परिसर के कई बाहरी और सुनसान हिस्सों में रात के समय पर्याप्त सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं रहने की बात सामने आयी है।
बताया जा रहा है कि अधिकतर गार्ड अस्पताल के अंदर या इमरजेंसी के मुख्य द्वार के आसपास ही तैनात रहते हैं। ऐसे में परिसर के बाहरी हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर रहने का फायदा चोरों ने उठाया। अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। घटना के बाद यह जांच का विषय है कि जिस हिस्से में चोर दाखिल हुए, वहां कैमरे काम कर रहे थे या नहीं। पुलिस अब चोरी की घटना से जुड़े सुरागों और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर सकती है। अस्पताल के निदेशक डॉ राकेश चौधरी ने कहा कि नया भवन फिलहाल बिहार मेडिकल सर्विसेज इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआइसीएल) के अधीन है। ऐसे में नये भवन की सुरक्षा की जिम्मेदारी बीएमएसआइसीएल की है। करीब एक माह पहले मुख्यमंत्री ने 225 करोड़ रुपये की लागत से बने छह मंजिला सुपरस्पेशियलिटी भवन का उद्घाटन किया था। फिलहाल भवन के दो तल पर ही सेवाएं शुरू की गयी हैं। पूरा भवन शुरू होने के बाद इसे एशिया का सबसे बड़ा हड्डी रोग सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल बनाने की योजना है।


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