सांवली पत्रिका के प्रधान संपादक जवाहर किशोर प्रसाद का निधन

पूर्णिया: पूर्णिया से प्रकाशित होने वाले सांवली पत्रिका के संस्थापक सह मुख्य संपादक जवाहर किशोर प्रसाद का 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह मूल रूप से खगड़िया जिले के रहीमपुर गांव के निवासी थे। ये बिहार प्रशासनिक सेवा से सम्बद्ध पूर्णिया के जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी के पद से सेवानिवृत हुए थे। सौम्य और सरल व्यक्तित्व और सादगी के परिचायक थे। इनके निधन से साहित्यकारों में शोक की लहर है। डॉ सुवंश ठाकुर अकेला, शिव नारायण शर्मा व्यथित और अशोक कुमार आलोक की संपादक मंडली बना कर स्तरीय साहित्यिक पत्रिका का प्रकाशन 2005 में शुरू किया था। उनकी 6 वर्षों तक निरंतर प्रकाशित सांवली त्रैमासिक पत्रिका ने कई नवोदित सहित स्थापित साहित्यकारों को प्रकाशन का अवसर प्रदान किया।

शहर के रामबाग स्थित निज आवास में पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। शुक्रवार सुबह साढ़े 09 बजे कटिहार के मनिहारी में अंतिम संस्कार होगा। उनकी पत्रिका में देश के नामचीन रचनाकारों की रचनायें छपती थी। स्थानीय, प्रान्तीय एवं बहुचर्चित रचनाकारों की रचनाओं का एक सुंदर मंच सांवली था। उनके 08 उपन्यासों में 'एक थी गीता, पतझड़ के फूल, बुझे दीप की बाती‌' शामिल है। साहित्य में उल्लेखनीय योगदान के लिए जवाहर किशोर प्रसाद को कथाकार के रूप में आचार्य शिवपूजन सहाय स्मृति सम्मान से भी नवाजा गया था। साहित्यकार डॉ निरुपमा राय ने कहा कि जवाहर किशोर प्रसाद एक बेहद नेकदिल इंसान थे। उन्होंने साहित्य के संवर्धन में अमूल्य योगदान दिया।

  

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