राजधानी के नदवां पंचायत अंतर्गत महादलित टोला में सीएम की उपस्थिति में बुजुर्ग ने फहराया तिरंगा, मुख्यमंत्री ने कहा...

पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पटना जिला अंतर्गत धनरुआ प्रखंड के नदवाँ पंचायत स्थित ग्राम नदवाँ के महादलित टोला में आयोजित ध्वजारोहन कार्यक्रम में शामिल हुए। उच्च विद्यालय, नदवाँ के खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय वयोवृद्ध जुगेश्वर मांझी ने मुख्यमंत्री की उपस्थिति में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। मुख्यमंत्री ने बिहारवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुये कहा कि आज का दिन उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों को स्मरण करने का अवसर है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। बिहार की धरती ने भी अनेक महान सपूत दिए हैं, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता एवं सामाजिक न्याय के लिए अपना योगदान दिया, उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नदवाँ के महादलित टोला में आकर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होना हर्ष का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नदवाँ महादलित टोला में आंगनवाड़ी केंद्र भवन और सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 12-12 लाख रुपये, की स्वीकृति दी गयी है। उच्च विद्यालय, नदवाँ के खेल मैदान के जीर्णोद्धार के लिए 1 करोड़ 7 लाख रुपये की राशि की स्वीकृत की गयी है। पंचायत सरकार भवन के निर्माण के लिए लगभग 2.50 करोड़ रुपये तथा कन्या विवाह मंडप के लिए 50 लाख रुपये की योजना स्वीकृत की गयी है। नदवाँ हाई स्कूल को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी भारत को विकसित एवं सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय नीतीश कुमार जी ने भी बिहार के विकास एवं समृद्धि के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। इन दोनों के सपनों को साकार करना हमारा धर्म है और इसके लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल हमारी स्वतंत्रता और गौरव का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह हमें अपने कर्तव्यों के प्रति सदैव सजग रहने की प्रेरणा देता है। आज हम राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ-साथ यह संकल्प भी लें कि समाज के हर वर्ग, विशेषकर महादलित, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अत्यंत पिछड़े वर्ग के लोगों तक विकास की रोशनी समान रूप से पहुँचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का दृढ़ विश्वास है कि जब तक समाज का अंतिम व्यक्ति खुशहाल नहीं होगा, तब तक विकास को पूर्ण नहीं माना जा सकता। युवाओं को शिक्षित एवं समर्थ बनाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। समान अवसर सामाजिक न्याय की महत्वपूर्ण कड़ी है। प्रधानमंत्री आदरणीय नरेन्द्र मोदी जी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ निरंतर प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को रोजगार के लिए सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है। बिहार में 30 लाख जीविका दीदियाँ लखपति दीदी बन चुकी हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पेंशन राशि 400 रूपये से बढ़ाकर 1,100 रूपये की गई है। उन्होंने पात्र लोगों से अपील की कि जो व्यक्ति अभी पेंशन से वंचित हैं, वे सहयोग पोर्टल के माध्यम से आवेदन करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में लगभग 1 करोड़ 90 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें से 1 करोड़ 70 लाख उपभोक्ताओं को पिछले एक वर्ष से 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है। बिहार देश में बिजली उपभोक्ताओं को सर्वाधिक अनुदान उपलब्ध कराने वाला राज्य है। उन्होंने कहा कि बिहारवासियों को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराने के लिए पटना, नालंदा, कैमूर एवं वाल्मीकिनगर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की गई है। इसके लिए यात्रियों को मात्र 2,100 रूपये शुल्क देना होगा, जबकि राज्य सरकार 12,000 रूपये का अनुदान दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सहयोग कार्यक्रम के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का 30 दिनों के अंदर निष्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है। अब तक लगभग 6 लाख 41 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 95 प्रतिशत आवेदनों का निष्पादन हो चुका है। उन्होंने कहा कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में एक करोड़ लोगों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने के लिए पिछले एक महीने से अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 30 लाख से अधिक लोगों के राशन कार्ड बनाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि बिहारवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सभी जिला एवं अनुमंडल अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सामान्य बीमारी में जिला एवं अनुमंडल अस्पताल से बड़े अस्पताल में अनावश्यक रेफर किए जाने पर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। गंभीर बीमारी की स्थिति में ही बड़े अस्पतालों में रेफर किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में लाइव क्लास की शुरुआत की गई है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़नेवाले बच्चों को आवश्यकता पड़ने पर रात 11 बजे भी ऑनलाइन शिक्षक की सुविधा उपलब्ध हो सके। सरकारी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए कोचिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वे NEET, IIT-JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें। उन्होंने कहा कि आजादी के 80 वर्षों में बिहार में मात्र 278 डिग्री कॉलेज थे। राज्य सरकार ने 15 जुलाई को एक साथ 211 डिग्री कॉलेजों में पठन-पाठन की शुरुआत कराई है, ताकि बच्चों को अपने ही प्रखंड में उच्च शिक्षा की सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय नीतीश कुमार जी के 20 वर्षों के कार्यकाल में बिहार में विकास के अनेक कार्य हुए। उनके कार्यकाल में विद्यालयों की संख्या लगभग 40 हजार से बढ़कर 73 हजार हुई। पटना से नदवाँ आने में पहले जहाँ लगभग दो घंटे लगते थे, वहीं अब लगभग 22 मिनट में पहुँचा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कमजोर एवं वंचित वर्गों के कल्याण तथा उनके जीवन में समृद्धि लाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। राज्य सरकार महादलित, दलित, पिछड़े एवं अति पिछड़े समाज सहित सभी वर्गों को साथ लेकर विकास के संकल्प के साथ काम कर रही है और आगे भी करती रहेगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत राष्ट्रीय अंधता एवं दृष्टि हानि नियंत्रण कार्यक्रम के तहत चश्मा वितरण, ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत जीविका दीदियों को सांकेतिक चेक, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना अंतर्गत स्वीकृत पत्र, जन वितरण प्रणाली योजना अंतर्गत स्वीकृत पत्र, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना अंतर्गत स्वीकृत पत्र, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना अंतर्गत स्वीकृत पत्र, सरकारी भूमि का बंदोबस्ती प्रमाण पत्र आदि लाभुकों को प्रदान किया। इस अवसर पर विधायक श्याम रजक, विधायक अरुण मांझी, पूर्व सांसद चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, पटना प्रमंडल के आयुक्त मयंक वरवड़े, जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा सहित अन्य जन प्रतिनिधिगण, वरीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

  

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